19 नवंबर 2014 - 19:18
 मानवाधिकार का राजनीतिकरण निंदनीय

ईरान ने कुछ पश्चिमी देशों द्वारा मानवाधिकार के विषय के राजनीतिकरण की कड़ी आलोचना की है।

ईरान ने कुछ पश्चिमी देशों द्वारा मानवाधिकार के विषय के राजनीतिकरण की कड़ी आलोचना की है।
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मर्ज़िया अफ़्ख़म ने संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा की तीसरी समिति में मानवाधिकार से संबंधित पारित प्रस्ताव की प्रतिक्रिया में  बुधवार को कहा कि बड़े अफ़सोस की बात है कि इस संस्था के मानवाधिकार तंत्र का पश्चिमी देश दुरुपयोग कर रहे हैं और यह क्रम निरंतर जारी है। उन्होंने कहा कि ईरान, महासभा की तीसरी समिति में पारित प्रस्ताव की विषय वस्तु को पूरी तरह निराधार मानता है और उसकी नज़र में इसकी कोई हैसियत नहीं है।
ईरानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने बल दिया कि महासभा की 69वीं बैठक में कनाडा की अगुवाई में ईरान में मानवाधिकार की स्थिति से संबंधित प्रस्ताव राजनीति से प्रेरित है और इसमें, वास्तविकताओं को नज़रअंदाज़ किया गया है। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मर्ज़िया अफ़्ख़म ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान में धार्मिक प्रजातंत्र है और ईरान ने अपनी धार्मिक प्रतिबद्धताओं और संविधान के अनुसरण के साथ ही अंतर्राष्ट्रीय समझौतों के अनुसार राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मानवाधिकार को बेहतर बनाने के लिए क़दम उठाए हैं और वह व्यवहारिक रूप से इस पर अमल करता है।