ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल के थोपे गए हालिया 50 दिवसीय युद्ध में घायल एक फ़िलिस्तीनी किशोर, ज़ख़्मों की ताब न लाकर इस दुनिया से चल बसा।
14 साल के मोहम्मद सियाम मंगलवार को तुर्की के एक अस्पताल में आप्रेशन के दौरान शहीद हो गया। उसके फेफड़ों और श्वास प्रणाली में ख़राबी आ गई थी जिसका आप्रेशन हो रहा था। जुलाई में ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल के हवाई हमले में मोहम्मद सियाम अपनी दोनों टांग पहले ही गंवा चुका था। ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल के थोपे गए इस युद्ध में मोहम्मद सियाम के परिवार के 12 सदस्य शहीद हुए।
वर्ष 2008 से ग़ज़्ज़ा पर तबाही लाने वाले तीन युद्ध थोपे जा चुके हैं।
इस ग्रीष्म ऋतु के दौरान ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल की ओर से ताज़ा थोपे गए युद्ध में 2140 से ज़्यादा फ़िलिस्तीनी शहीद हुए जिनमें 570 बच्चे थे। इसी प्रकार इस जंग में 11000 फ़िलिस्तीनी घायल हुए। इस जंग में दसियों इस्राईली भी मारे गए। संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुसार ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल के हमलों में ग़ज़्ज़ा के एकमात्र बिजली घर सहित हज़ारों बिल्डिंग ध्वस्त हुयीं। इसी प्रकार संयुक्त राष्ट्र संघ के अधीन स्कूलों सहित 223 स्कूलों पर हमले हुए।इस्राईल ने 2007 से ग़ज़्ज़ा की नाकेबंदी कर रखी है जिसके कारण इस इलाक़े में अभूतपूर्व स्तर तक निर्धनता व्याप्त है।
19 नवंबर 2014 - 19:13
समाचार कोड: 652460
ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल के थोपे गए हालिया 50 दिवसीय युद्ध में घायल एक फ़िलिस्तीनी किशोर, ज़ख़्मों की ताब न लाकर इस दुनिया से चल बसा।