आस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन शहर में जी-20 सम्मेलन शुरू हो गया है।
सम्मेलन का उदघाटन भाषण संयुक्त राष्ट्र संघ के महासचिव बान की मून ने दिया। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि जी-20 के देश अंतर्राष्ट्रीय समस्याओं के समाधान के लिए प्रयास करें।
इस सम्मेलन से पूर्व संयुक्त राष्ट्रसंघ के महासचिव बान की मून ने गुट-20 के सदस्य देशों से अनुरोध किया था कि वे इस सम्मेलन में यूक्रेन संकट और इबोला वायरस के फैलाव को रोकने जैसे विषयों पर ही विचार-विमर्श करें। इस सम्मेलन के पहले दिन सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने एक-दूसरे से भेंटवार्ताएं कीं। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एबोट सहित कई नेताओं से मुलाक़ातें की हैं, उन्होंने जी-20 के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सुधार कार्यक्रम हर प्रकार के छल से दूर होना चाहिए। दो दिन के इस शिखर सम्मेलन में आर्थिक विकास के विषय पर चर्चा होगी।
उधर अमरीका के राष्ट्रपति ने कहा कि एशिया की सुरक्षा, बड़े देशों की ओर से छोटे देशों को डराने या धमकाने पर नहीं बल्कि परस्पर सहयोग और अन्तर्राष्ट्रीय नियमों पर आधारित होनी चाहिए।बराक ओबामा ने यह बात, आस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन नगर में छात्रों को संबोधित करते हुए कही। अमरीकी राष्ट्रपति का कहना था कि मेरा मानना है कि एशिया की सुरक्षा को ज़ोर-ज़बरदस्ती पर नहीं बल्कि पारस्परिक समझौते पर आधारित होना चाहिए। अमरीकी राष्ट्रपति गुट-20 के शिखर सम्मेलन में भाग लेने के उद्देश्य से ब्रिसबेन पहुंचे हैं।
इसी प्रकार बैठक से पूर्व रूस के राष्ट्रपति विलादिमीर पुतीन ने कहा था कि यूक्रेन के विषय को लेकर अमरीका तथा योरोपीय संघ की ओर से मास्को पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों से केवल रूस को नहीं बल्कि विश्व अर्थव्यवस्था को क्षति पहुंचेगी।
15 नवंबर 2014 - 18:43
समाचार कोड: 651576
आस्ट्रेलिया के ब्रिसबेन शहर में जी-20 सम्मेलन शुरू हो गया है।