अबनाः ईरान ने लंबी दूरी के सेपेहर रडार तंत्र का सफलतापूर्वक टेस्ट किया जिसका प्रभाव क्षेत्र 2500 किलोमीटर रेडियस है।
मंगलवार को इस तंत्र के पहले चरण का टेस्ट हुआ और देश की एकीकृत वायु रक्षा नेटवर्क के परिचालित रेडियस के एक भाग के भीतर इसकी क्षमता की समीक्षा की गयी। इस अवसर पर ख़ातमुल अंबिया वायु रक्षा छावनी के कमान्डर ब्रिगेडियर जनरल फ़रज़ाद इस्माईली मौजूद थे।
इस हवाई छावनी के उप कमान्डर एवं प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल शाहरुख़ शहराम ने बताया कि इस रडार द्वारा हासिल सूचना को एकीकृत वायु रक्षा नेटवर्क ने सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया। यह रडार तंत्र बलिस्टिक, अर्ध बलिस्टिक और क्रूज़ मीज़ाईल सहित रडार को चकमा देने के लिए निर्धारित लक्ष्य का भी पता लगाने में सक्षम है।
उन्होंने बताया कि यह रडार तंत्र, देश की सीमा के बाहर संभावित ख़तरे का पता लगाने की क्षमता रखता है। ब्रिगेडियर जनरल शाहरुख़ शहराम ने कहा कि पिछले कुछ साल के दौरान कई रडार तंत्र बनाए गए और इन्हें वायु रक्षा छावनी में इस्तेमाल किया गया।
सितंबर में ईरान ने आरश-2 और कैहान रडार तंत्र का अनावरण किया था। यह तंत्र आधुनिक प्रौद्योगिकी से संपन्न और स्वेदश निर्मित है। इसी प्रकार आरश-2 और कैहान रडार तंत्र लंबी दूरी के लक्ष्य और स्टेल्थ बमवर्षक विमान का पता लगा सकता है।
कैहान दो आयामी रडार तंत्र है और यह पारंपरिक युद्धक विमान और अधिक ऊंचाई पर उड़ने वाले स्टेल्थ विमान सहित शत्रु के हवाई लक्ष्यों का पता लगा सकता है।
आरश-2 रडार तंत्र 10 हज़ार फ़ीट की ऊंचाई के लक्ष्य का पता लगा सकता है।
12 नवंबर 2014 - 20:05
समाचार कोड: 651057
ईरान ने लंबी दूरी के सेपेहर रडार तंत्र का सफलतापूर्वक टेस्ट किया जिसका प्रभाव क्षेत्र 2500 किलोमीटर रेडियस है।