11 नवंबर 2014 - 19:11
ईरान ने बिना किसी शर्त के की है इराक़ की सहायता।

हसन रूहानी ने इराक़ की संप्रभुता की एकता पर बल दिया है।

हसन रूहानी ने इराक़ की संप्रभुता की एकता पर बल दिया है।
डा. हसन रूहानी ने मंगलवार को तेहरान में इराक़ के उप राष्ट्रपति नूरी मालेकी के साथ भेंट में कहा कि ईरान के लिए इराक़ की संप्रभुता विशेष महत्व रखती है। राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के विरुद्ध संघर्ष में ईरान, इराक़ी राष्ट्र के साथ रहा है। उन्होंने कहा कि हमने अपनी सहायता को किसी भी स्थिति में सशर्त नहीं किया।
डा. रूहानी ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि क्षेत्रीय देशों के विकास के मार्ग में शत्रु ने सदैव ही बाधाएं उत्पन्न की हैं, कहा कि वर्तमान समय में एक ओर तो अतिवाद, चरमपंथ और हिंसा मुंह बाए खड़ी है तो दूसरी ओर तेल के मूल्यों को कम करने जैसे षडयंत्रों ने इन देशों के लिए समस्याएं उत्पन्न कर दी हैं। उन्होंने कहा कि परस्पर सहयोग से इस संकट से निकला जा सकता है। हसन रूहानी ने कहा कि कि इराक़ की जनता अपने देश की रक्षा करने में पूर्ण रूप से सक्षम है अतः किसी अन्य देश के सैनिकों की वहां कोई आवश्यकता नहीं है।
इस भेंटवार्ता में इराक़ के उप राष्ट्रपति नूरी मालेकी ने क्षेत्रीय देशों के विरुद्ध विदेशी षडयंत्रों की ओर उल्लेख करते हुए कहा कि इराक़ में सद्दाम के शासन के पतन के साथ ही विदेशी सैनिकों की उपस्थिति ने इस देश की सुरक्षा को ख़तरे में डाल दिया। उन्होंने कहा कि इराक़ ने अपने मित्र देशों की सहायता से किसी सीमा तक स्थिति पर नियंत्रण कर लिया है किंतु पड़ोसी देशों में होने वाले परिवर्तन, अपने पड़ोस को प्रभावित कर सकते हैं। नूरी मालेकी ने स्पष्ट किया कि इराक़ ने अपने पड़ोसी देश ईरान से सहायता लेकर देश में आतंकवादियों की प्रगति को बाधित कर दिया है और अब वह उन्हें बाहर खदेड़ रहा है।