संसद सभापति डाक्टर अली लारीजानी ने कहा है कि ईरान की प्रक्षेपास्त्रिक क्षमता, क्षेत्र में शांति स्थापना का कारण है।
उन्होंने सोमवार को तेहरान में इस्लामी क्रांति संरक्षक बल सिपाहे पासदारान के कमान्डर स्वर्गीय हसन तेहरानी मुक़द्दम की तीसरी बरसी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में, इस बात को बयान करते हुए कि शहीद तेहरानी मुक़द्दम के प्रयासों और कारनामों से ईरान ने महान उपलब्धियां अर्जित हैं, कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान यदि आज मध्यपूर्व में प्रक्षेपास्त्रों के क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण देश है तो यह ईरान की प्रतिरोधक और मीज़ाइल क्षमता की देन है।
डाक्टर लारीजानी ने यह बयान करते हुए कि क्षेत्र में मीज़ाइलों की शक्ति के मैदान में ईरान सबसे अधिक शक्तिशाली है, कहा कि यही कारण है कि ईरान संकट उत्पन्न करने के प्रयास में नहीं है और उसने अपनी इस शक्ति को क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बचाए रखा है और सभी पड़ोसी देशों को यह पता है कि ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद कभी भी ईरान ने किसी देश पर आक्रमण नहीं किया और वह क्षेत्र में शांति और स्थिरता के प्रयास में ही रहता है।
संसद सभापति ने कहा कि ईरान के विरुद्ध इराक़ के युद्ध को अन्य लोगों ने थोपा था और ईरान ने केवल अपना बचाव किया और युद्ध के बाद जब उसके पास शक्ति थी फिर भी वह भरपाई के लिए नहीं गया जबकि कुछ क्षेत्रीय देशों ने ईरान से हठधर्मी भी की थी। डाक्टर अली लारीजानी ने क्षेत्र में आतंकवादी गुटों को नये फ़ितने के रूप में याद किया और कहा कि इनके गठन का मुख्य लक्ष्य, मुसलमानों के मध्य मतभेद पैदा करना है ताकि उनकी शक्ति क्षीण हो जाए और इससे ज़ायोनी शासन भरपूर लाभ उठाये।
10 नवंबर 2014 - 18:32
समाचार कोड: 650551
संसद सभापति डाक्टर अली लारीजानी ने कहा है कि ईरान की प्रक्षेपास्त्रिक क्षमता, क्षेत्र में शांति स्थापना का कारण है।