9 नवंबर 2014 - 18:55
यमन में नई सरकार के गठन पर अंसारुल्लाह ने जताया विरोध।

यमन में अंसारुल्लाह आंदोलन ने नई सरकार के गठन का विरोध करते हुए कहा है कि यह सरकार, शांति समझौते और राष्ट्रीय एकता की सरकार की कसौटी पर पूरी नहीं उतरती।

अबनाः यमन में अंसारुल्लाह आंदोलन ने नई सरकार के गठन का विरोध करते हुए कहा है कि यह सरकार, शांति समझौते और राष्ट्रीय एकता की सरकार की कसौटी पर पूरी नहीं उतरती।
अल आलम टीवी चैनल की रिपोर्ट के अनुसार अंसारुल्लाह आंदोलन ने राष्ट्रपति अब्दो रब्बे मन्सूर हादी की ओर से गठित नई सरकार का विरोध किया। आंदोलन का कहना है कि यह सरकार, देश के राजनैतिक दलों के मध्य हुई सहमति के विरुद्ध है। ज्ञात रहे कि यमन के समस्त राजनैतिक दलों ने सितंबर में राष्ट्रीय एकता की सरकार के गठन के समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के आधार पर राष्ट्रीय एकता की सरकार में देश के समस्त राजनैतिक दलों की भागीदारी होगी। अंसारुल्लाह आंदोलन की राजनैतिक शाखा ने एक बयान जारी करके राष्ट्रपति अब्दो रब्बे मन्सूर हादी की ओर से घोषित नई सरकार के विरोध की घोषणा की है। अंसारुल्लाह के बयान में आया है कि सरकार ने समस्त प्रयासों पर पानी फेर दिया क्योंकि सरकार के गठन में उन सिद्धांतों की अनदेखी की गयी है जिन पर सहमति हुई थी। बयान में कहा गया है कि सरकार में उन चेहरे को शामिल किया गया है जो उन सिद्धांतों पर खरे नहीं उतरते जिन पर सहमति हुई थी।
अंसारुल्लाह आंदोलन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि सरकार में शामिल कुछ चेहरे भ्रष्टाचार में लिप्त हैं जबकि कुछ अन्य मामलों में लिप्त हैं। बयान में कहा गया है कि सरकार गठन का यह प्रयास, समझौते का उल्लंघन हैं। अंसारुल्लाह के बयान में आया है कि राष्ट्रपति अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करे और उसी प्रकार सरकार गठित करे जैसे सितंबर में सहमति हुई थी। ज्ञात रहे कि यमन के राष्ट्रपति अब्दो रब्बे मन्सूर हादी ने शुक्रवार की शाम सरकार के गठन की घोषणा की थी जिसमें 36 मंत्री शामिल थे।