7 नवंबर 2014 - 16:36
ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले की अमेरिका में क्षमता नहीं।

वरिष्ठ अमरीकी कमान्डर जनरल मार्टिन डेम्पसी ने कहा है कि वाशिंग्टन ईरान के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को सैन्य कार्यवाही के ज़रिए तबाह नहीं कर सकता। अमरीकी सेना के ज्वाइंट चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ के चेयरमैन ने गुरुवार को वाशिंग्टन में कार्नेगी एन्डवमंट फ़ॉर इन्टरनेश्नल पीस में भाषण के दौरान यह बात कही

अबनाः वरिष्ठ अमरीकी कमान्डर जनरल मार्टिन डेम्पसी ने कहा है कि वाशिंग्टन ईरान के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम को सैन्य कार्यवाही के ज़रिए तबाह नहीं कर सकता। अमरीकी सेना के ज्वाइंट चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ के चेयरमैन ने गुरुवार को वाशिंग्टन में कार्नेगी एन्डवमंट फ़ॉर इन्टरनेश्नल पीस में भाषण के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर हवाई हमले से तेहरान की क्षमता को थोड़े समय के लिए हानि पहुंचेगी। उन्होंने कहा, “ यदि हमसे कहा जाए तो हमारे पास ईरान की परमाणु क्षमता को निशाना बनाने की सलाहियत है। किन्तु जब हम ईरान के परमाणु मुद्दे को सैन्य उपकरण से हल करने पर नज़र डालते हैं तो इससे हम इसे पीछे ढकेल तो सकते हैं लेकिन इसे ख़त्म नहीं कर सकते। ”
मार्टिन डेम्पसी ने कहा कि न तो सेन्ट्रीफ़्यूज और न ही मीज़ाईल ईरान की परमाणु क्षमता को पूरी तरह ख़त्म कर सकते हैं क्योंकि मानव संसाधन इस कार्यक्रम को फिर से बनाने की क्षमता रखता है।
अमरीका और उसका क्षेत्रीय घटक इस्राईल ईरान के परमाणु कार्यक्रम के सैन्य लक्ष्यों की ओर उन्मुख होने के बहाने ईरान पर हमले की बारंबार धमकी दे चुका है। तेहरान ने कहा है कि ऐसा दुस्साहस करने वाले को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
ईरान पश्चिम के इन आरोपों को पूरी तरह रद्द करता है कि उसका परमाणु कार्यक्रम सैन्य लक्ष्यों की ओर उन्मुख है। तेहरान, बिजली उत्पादन और उपचार के लिए रेडियो आइसोटोप सहित शांतिपूर्ण उद्देश्य के लिए परमाणु ऊर्जा के प्रयोग के अपने अधिकार पर बल देता है जो उसे अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी आईएईए के सदस्य देश के रूप में हासिल हैं। साथ ही ईरान इस बात पर भी बल देता है कि उसका मीज़ाईल कार्यक्रम का स्वभाव रक्षात्मक है और यह किसी भी देश के लिए ख़तरा नहीं है।
अमरीका ने ईरान पर परमाणु कार्यक्रम को सैन्य लक्ष्यों के लिए प्रयोग करने निराधार आरोप के बहाने प्रतिबंध लगा रहे हैं।