6 नवंबर 2014 - 20:06
सीरिया ने ईरान की सहायता को सराहा।

सीरिया के विदेशमंत्री ने ईरान की बहुआयामी सहायताओं तथा इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के भारी समर्थन की सराहना करते हुए कहा कि सीरिया को शीघ्र की रूस के एस-300 मीज़ाइल मिल जाएंगे।

अबनाः सीरिया के विदेशमंत्री वलीद मुअल्लिम ने कहा है कि शीघ्र ही सीरिया को रूस के एस- 300 मीज़ाइल मिल जाएंगे। रिपोर्ट के अनुसार सीरिया के विदेशमंत्री ने ईरान की बहुआयामी सहायताओं तथा इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के भारी समर्थन की सराहना करते हुए कहा कि सीरिया को शीघ्र की रूस के एस-300 मीज़ाइल मिल जाएंगे। उन्होंने लेबनानी समाचार पत्र अलअख़बार से बात करते हुए ईरान और सीरिया के गठजोड़ को अद्वितीय बताया और कहा का ईरान की इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता की दृष्टि में इस गठजोड़ को हानि पहुंचाने का कोई भी प्रयास असहनीय है।
उन्होंने कहा कि अमरीका के नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय गठबंधन की घोषणा होने के बाद दमिश्क़ के पास दो ही विकल्प थे, या तो वह इस गठबंधन को स्वीकार करता या इसे रद्द करता, इस आधार पर उसने इस गठबंधन के बारे में अपने दृष्टिकोणों से तेहरान और मास्को को अवगत कराया। उनका कहना था कि यदि हम इसको ठुकरा देते तो अमरीका के कट्टरपंथी धड़े और सीरिया विरोधी गठबंधन को बहाना मिल जाता कि वह दमिश्क़ के विरुद्ध अमरीका और उसके घटकों के युद्ध की रणभेरी बजा दें किन्तु हमने उन्हें यह बहाना नहीं दिया।
सीरिया के विदेशमंत्री ने कहा कि दूसरा विकल्प उनकी नीतियों को स्वीकार करना था और यह हमारी रणनीति और राष्ट्रीय अखंडता के विरुद्ध था, उन्होंने कहा कि हमने तीसरा विकल्प चुना, इस तरह से हमने न तो राजनैतिक रूप से इस गठबंधन को स्वीकार किया और न ही रणक्षेत्र में उसके साथ कूदे।
वलीद मुअल्लिम ने कहा कि अभी हमको रूस के एस-300 मीज़ाइल नहीं मिले हैं, किंतु क्रेमलिन की ओर से राजनैतिक सहमति हो गयी है और शीघ्र ही यह मीज़ाइल और अन्य आधुनिक शस्त्र, दमिश्क़ पहुंच जाएंगे।
सीरिया के विदेशमंत्री ने राष्ट्रपति बश्शार असद के शत्रुओं को हथियार देने की सऊदी अरब की नीतियों को आग से खेलने की नीति बताया और कहा कि सऊदी अरब इसके परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहे।
वलीद अलमुअल्लिम ने कहा कि लेबनान और इराक़ के बारे में स्वतंत्र नीति अपनाने के कारण सऊदी अरब, सीरिया से शत्रुता कर रहा है क्योंकि उसका मानना है कि दमिश्क़ की इन्हीं नीतियों ने क्षेत्र में रियाज़ की नीतियों पर पानी फेर दिया है। उन्होंने कहा कि यदि क़तर वास्तव में सीरिया से मित्रता चाहता है तो उसे सीरिया में सक्रिय आतंकवादियों की वित्तीय और सामरिक सहायता और दमिश्क़ विरोधी कार्यवाहियां रोकनी होंगी।