इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की शहादत के दिन की पूर्व संध्या पर वरिष्ठ नेता की उपस्थिति में एक शोक सभा का आयोजन किया गया।
आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई, कई उच्चाधिकारियों तथा समाज के विभिन्न वर्गों के हज़ारों लोगों की सम्मिलिति से आयोजित होने वाली इस शोक सभा को वरिष्ठ नेता का चयन करने वाली सीनियर धर्मगुरुओं की परिषद के सदस्य आयतुल्लाह सैयह अहमद ख़ातेमी ने संबोधित किया। उन्होंने कर्बला को शैतानी मोर्चे और सत्य के मोर्चे के बीच टकराव का मैदान बताया और कहा कि इस युद्ध में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के साथियों ने अपनी जान और माल का ईश्वर से सौदा कर लिया और इस सौदे के लिए जीवन के सही मार्ग की पहचान और उसके बाद सत्य के मार्ग पर डटे रहना आवश्यक है।
उन्होंने इसी प्रकार इस वर्ष इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की शहादत का दिन और विश्व साम्राज्य से संघर्ष का राष्ट्रीय दिवस एक साथ पड़ने की ओर संकेत करते हुए कहा कि कर्बला के आंदोलन का मुख्य संदेश और शिक्षा, प्रतिरोध, सम्मान और अत्याचार के समक्ष घुटने न टेकना है और ईरान की कर्बलाई जनता अपने पूरे अस्तित्व के साथ इस शिक्षा का पालन कर रही है।
4 नवंबर 2014 - 17:57
समाचार कोड: 649190
इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की शहादत के दिन की पूर्व संध्या पर वरिष्ठ नेता की उपस्थिति में एक शोक सभा का आयोजन किया गया।