3 नवंबर 2014 - 19:55
ईरान सहित पूरी दुनिया में मनाया जा रहा इमाम हुसैन अ. का ग़म।

इस्लामी गणतंत्र ईरान में यह दिन इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के भाई और उनके सेनापति हज़रत अब्बास अलमदार के नाम पर मनाया जाता है कि जो इतिहास में त्याग, बलिदान, वफ़ादारी, सच्चाई और साहस के प्रतीक समझे जाते हैं

अबनाः आज पूरे ईरान में नवीं मुहर्रम के उपलक्ष्य में जुलूस निकाले जा रहे हैं। इस्लामी गणतंत्र ईरान में यह दिन इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के भाई और उनके सेनापति हज़रत अब्बास अलमदार के नाम पर मनाया जाता है कि जो इतिहास में त्याग, बलिदान, वफ़ादारी, सच्चाई और साहस के प्रतीक समझे जाते हैं। नवीं मुहर्रम के मुख्य कार्यक्रम का आयोजन पवित्र नगर मशहद में पैग़म्बरे इस्लाम के पौत्र इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के रौज़े में हुआ है जिसमें लाखों श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। इसी प्रकार एक अन्य पवित्र नगर क़ुम में भी नवीं मुहर्रम के उपलक्ष्य में भव्य सभाएं आयोजित हो रही हैं तथा जुलूस निकाले जा रहे हैं। ईरान के अन्य सभी छोटे-बड़े नगरों और ग्रामीण क्षेत्र से भी मातमी जुलूस निकाले जाने और शोक सभाएं आयोजित होने के समाचार मिले हैं। लोग मस्जिदों, इमामबाड़ों, धार्मिक स्थलों और सड़कों पर जुलूसों के रूप में निकल कर मातम कर रहे हैं, आंसू बहा रहे हैं और इमाम हुसैन व उनके साथियों विशेष कर हज़रत अब्बास अलैहिस्सलाम के प्रति अपनी निष्ठा का प्रदर्शन कर हैं।
इसी प्रकार इराक़ के पवित्र नगर कर्बला में भी, जहां इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का पवित्र मज़ार है, दसियों लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की सूचना है। भारत, पाकिस्तान, लेबनान, अफ़ग़ानिस्तान और इसी प्रकार अनेक एशियाई व यूरोपीय देशों में भी नवीं मुहर्रम के उपलक्ष्य में जुलूस निकाले गए हैं और शोक सभाएं आयोजित हुई हैं।