2 नवंबर 2014 - 18:56
बग़दाद में ज़ाएरीन पर आतंकवादी हमला।

इराक़ की राजधानी बग़दाद में इमाम हुसैन के श्रद्धालुओं को निशाना बनाकर किए गए आतंकवादी हमले में कम से कम 14 श्रद्धालु शहीद और दसियों अन्य घायल हुए।

अबनाः इराक़ की राजधानी बग़दाद में इमाम हुसैन के श्रद्धालुओं को निशाना बनाकर किए गए आतंकवादी हमले में कम से कम 14 श्रद्धालु शहीद और दसियों अन्य घायल हुए।
इराक़ के पुलिस एंव अस्पताल सूत्र ने नाम ज़ाहिर न किए जाने की शर्त पर बताया कि रविवार को दोपहर बाद बग़दाद के दक्षिण-पश्चिमी इलाक़े अलइलाम में कार बम का यह धमाका ऐसी स्थिति में हुआ जब इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के रौज़े के दर्शन के लिए कर्बला जा रहे श्रद्धालुओं को खाना बाटा जा रहा था।
कर्बला बग़दाद से लगभग 100 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। श्रद्धालु दसवीं मोहर्रम को कर्बला में इमाम हुसैन अलैहिस्ससलाम का शहादत दिवस मनाने के लिए जा रहे थे। इस धमाके में 32 व्यक्ति घायल भी हुए।
इराक़ी अधिकारी इस प्रकार के धमाकों के लिए आम तौर पर तकफ़ीरी आतंकवादियों को ज़िम्मेदार ठहराते हैं।
680 ईसवी को लूनर कैलेन्डर के पहले महीने मोहर्रम की दस तारीख़ को दूसरे उमय्या शासक यज़ीद के सैनिकों ने पैग़म्बरे इस्लाम के नाति इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम को उनके 72 निष्ठावान साथियों के साथ इसलिए शहीद कर दिया क्योंकि उन्होंने, अत्याचारी, भ्रष्ट व व्याभिचारी यज़ीद का आज्ञापालन करने से इंकार कर दिया था।
मोहर्रम शुरु होते ही पूरी दुनिया में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम की याद में शोकसभाओं का आयोजन शुरु हो जाता है।
हर साल मोहर्रम की सभाएं, जो शताब्दियों से आयोजित हो रही हैं, झूठ के ख़िलाफ़ सत्य की दृढ़ता, अन्याय और अत्याचार के ख़िलाफ़ मानवता के अमर संघर्ष की प्रतीक है। इसी उद्देश्य के लिए इमाम हुसैन ने शहीद होना गवारा किया लेकिन यज़ीद के आज्ञापालन से इंकार कर दिया।