अबनाः दमिश्क़ ने सीरिया में हिंसा के लिए मुख्य रूप से तुर्की को ज़िम्मेदार ठहराया है। संयुक्त राष्ट्र संघ में सीरिया के प्रतिनिधि बश्शार जाफ़री ने सीरिया के संबंध में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की दोहरी नीति की आलोचना करते हुए कहा कि दुनिया के 83 देशों के किराए के आतंकवादी जार्डन, तुर्की और सउदी अरब में अमरीका, फ़्रांस और ब्रिटेन की निगरानी में सैन्य प्रशिक्षण लेने के बाद सीरिया आए हैं किन्तु इसके बावजूद महासभा आतंकवाद के विषय पर दोहरी नीति अपनाए हुए है।
बश्शार जाफ़री ने सीरिया के विषय में संयुक्त राष्ट्र महासचिव के राजनैतिक एवं मानवीय मामलों के प्रतिनिधि के साथ अपनी हालिया बैठक को सार्थक बताते हुए कहा कि यह पहली बार है जब इस स्तर पर सीरिया के संकट के हल के लिए इस देश के प्रतिनिधि की उपस्थिति में एक बैठक आयोजित हुयी। उन्होंने सीरिया के मामले में संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रतिनिधि स्टीफ़न डिमिस्टूरा के इस दृष्टिकोण का स्वागत किया कि इस समय सीरिया की मौजूदा स्थिति के मद्देनज़र आतंकवाद से संघर्ष मुख्य प्राथमिकता है।
2 नवंबर 2014 - 10:00
समाचार कोड: 648636
संयुक्त राष्ट्र संघ में सीरिया के प्रतिनिधि बश्शार जाफ़री ने सीरिया के संबंध में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की दोहरी नीति की आलोचना करते हुए कहा कि दुनिया के 83 देशों के किराए के आतंकवादी जार्डन, तुर्की और सउदी अरब में अमरीका, फ़्रांस और ब्रिटेन की निगरानी में सैन्य प्रशिक्षण लेने के बाद सीरिया आए हैं किन्तु इसके बावजूद महासभा आतंकवाद के विषय पर दोहरी नीति अपनाए हुए है।