1 नवंबर 2014 - 06:24
ISIL द्वारा बग़दाद को पानी में डिबो देने का षड़यंत्र नाकाम।

इराक़ी सेना ने ISIL द्वारा बग़दाद को पानी में डुबोने के षडयंत्र को नाकाम बना दिया। बग़दाद में आतंकवादियों के विरूद्ध छेड़े गये अभियान के कमांडर अब्दुल अमीर अस्समरी ने बताया है कि ISIL के आतंकवादी, “अस्सरसार” झील के निकटवर्ती इलाक़ों को बंद करके फ़ल्लूजा बांध के दरवाज़े खोलकर बग़दाद को पानी में डुबो देना चाहते थे।

अबनाः इराक़ी सेना ने ISIL द्वारा बग़दाद को पानी में डुबोने के षडयंत्र को नाकाम बना दिया। बग़दाद में आतंकवादियों के विरूद्ध छेड़े गये अभियान के कमांडर अब्दुल अमीर अस्समरी ने बताया है कि ISIL के आतंकवादी, “अस्सरसार” झील के निकटवर्ती इलाक़ों को बंद करके फ़ल्लूजा बांध के दरवाज़े खोलकर बग़दाद को पानी में डुबो देना चाहते थे। बग़दाद सैन्य अभियान के कमांडर ने बताया कि सैनिकों ने बग़दाद से अलअंबार प्रांत में 50 किलोमीटर भीतर पहुंच कर “अस्सरसार” झील के निकटवर्ती इलाक़ों को आज़ाद कराते हुए बग़दाद को डूबने से बचा लिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सैनिक और स्वयंसेवी बलों ने अलंबार प्रांत को घेर लिया है और उन्होंने फ़ल्लूजा को आज़ाद कराने का काम शुरू कर दिया है। इस अभियान के अन्तर्गत आतंकवादियों के बग़दाद के निकट होने की संभावना को दूर करना और ISIL के कंट्रोल वाले इलाक़ों को आज़ाद कराना है।
बग़दाद सैन्य अभियान ऐसी स्थति में अलअंबार प्रांत में दाख़िल हुआ है कि जब इस प्रांत के लोगों ने सेना और स्वयंसेवियों के साथ सहयोग करते हुए शुक्रवार की सुबह “हीत” और “हदीसा” शहरों को आज़ाद कराने के लिए कार्यवाही शुरू कर दी है। इराक़ के “हीत” और “हदीसा” शहर पिछले कुछ दिनों के दौरान स्थानीय क़बाइलियों और ISIL के आतंकवादियों के बीच गंभीर झड़पों के गवाह रहे हैं। ISIL के आतंकवादियों ने गुरूवार को हीत शहर के एक क्षेत्र में सुन्नी क़बीले “अनबूनमर” के 45 लोगों की बहुत ही नृशंस ढंग से हत्या कर दी थी। हीत शहर का यह प्रभावशाली सुन्नी क़बीला, इस क्षेत्र में ISIL की उपस्थिति का विरोध कर रहा था। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार ISIL के आतंकियों ने इस क़बीले के 238 लोगों को मौत के घाट उतार दिया है जबकि वहां पर एक सामूहिक क़ब्र मिली है जिसमें 250 लोगों के शव पाये गए हैं।
इसी बीच बाबिल प्रांत सैन्य कमांडर ने “जरफ़ुस्सख़्र” क्षेत्र के बंद किये जाने की सूचना दी है। उनके अनुसार यह क्षेत्र 8 महीनों तक बंद रहेगा ताकि इस दौरान सैनिक, आवासीय इलाक़ों से बारूदी सुरंगों और घरों में लगाए गए बमों से साफ करे। ज्ञात रहे कि “जरफ़ुस्सिख़्र” क्षेत्र को इराक़ की सेना ने स्वयंसेवियों के सहयोग से आतंकवादियों से पूरी तरह से आजाद करा लिया था। “जरफ़ुस्सिख़्र” क्षेत्र, इराक़ के चार प्रांतों बग़दाद, करबला, अलअंबार और बाबिल के बीच का बहुत ही स्ट्रॉटेजिक क्षेत्र है। “जरफ़ुस्सिख़्र” में आतंकवादियों की मौजूदगी, करबला के ज़ाएरीन के लिए एक गंभीर ख़तरा थी।