तकफ़ीरी आतंकवादी गुट आईएसआईएल के जो सदस्य सीरियाई कुर्दों की जेलों में बंद हैं उन्होंने अमरीकी न्यूज़ चैनल सीएनएन से बात करते हुए कहा है कि इस गुट ने उन्हें धोखा दिया है और पैसे तथा नशे की दवाएं देकर उन्हें जघन्य अपराध करने पर विवश किया है।
स्वयं को सीरियाई नागरिक बताने वाले आईएसआईएल के एक सदस्य सुलैमान ने स्वीकार किया कि वह इस गुट की एक युनिट का सदस्य था और उसने विस्फोटकों से भरी एक गाड़ी कुर्दों की एक सैन्य छावनी के बाहर पार्क की थी और बाद में दूर से उसे रिमोट कंट्रोल द्वारा उड़ा दिया था। उसने कहा कि इस कार्यवाही को सफलतापूर्व अंजाम देने के बदले उसे 3,600 डॉलर दिए गए। सुलैमान ने बताया कि आईएसआईएल के सदस्य मुझसे कहा करते थे कि हम इस्लाम और सत्य के लिए लड़ रहे हैं किंतु वे झूठ बोलते थे और हमारे अज्ञान व दरिद्रता से ग़लत लाभ उठाते थे।
एक अन्य बंदी ने, जिसने अपना करीम बताया और जिसकी आयु केवल 19 साल थी, कहा कि आईएसआईएल के सदस्य हमें नशे की गोलियां और एक्सटेसी ड्रग्स (परमानंद की दवाएं) दिया करते थे और जब हम इन दवाओं को खा लेते थे तो फिर हमारे लिए इसमें कोई अंतर नहीं होता था कि हम युद्ध में मर जाएं या जीवित रहें। करीम ने बताया कि आईएसआईएल वाले जहां कहीं भी पहुंचते हैं, वहां वालों को काफ़िर समझते हैं और वहां के सभी लोगों को उसी प्रकार रहना होता है जिस प्रकार आईएसआईएल वाले कहते हैं अन्यथा वे बड़ी सरलता से उनके सिर क़लम कर देते हैं, उदाहरण स्वरूप यदि महिलाएं अपना चेहरा बुर्क़े में न छिपाएं तो उनका सिर काट लिया जाता है।
29 अक्टूबर 2014 - 19:44
समाचार कोड: 647819
तकफ़ीरी आतंकवादी गुट आईएसआईएल के जो सदस्य सीरियाई कुर्दों की जेलों में बंद हैं उन्होंने अमरीकी न्यूज़ चैनल सीएनएन से बात करते हुए कहा है कि इस गुट ने उन्हें धोखा दिया है और पैसे तथा नशे की दवाएं देकर उन्हें जघन्य अपराध करने पर विवश किया है।