29 अक्टूबर 2014 - 13:26
जुमे को मनाई जाएगी हज़रत अली असग़र की याद।

मोहर्रम के पहले शुक्रवार को करबला के सबसे नन्हे सिपाही हज़रत अली असग़र का दिन मनाया जाता है।

मोहर्रम के पहले शुक्रवार को करबला के सबसे नन्हे सिपाही हज़रत अली असग़र का दिन मनाया जाता है।
अंतर्राष्ट्रीय अली असग़र सोसायटी के महासचवि दाऊद मुनाफ़ी पूर ने कहा कि इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाह हिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई के आदेश पर मोहर्रम के पहले शुक्रवार को विश्व के चालीस से अधिक देशों में अंतर्राष्ट्रीय अली असग़र दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने तेहरान में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मोहर्रम के पहले शुक्रवार को विश्व के 48 देशों में अंतर्राष्ट्रीय अली असग़र दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर राजधानी तेहरान की केन्द्रीय ईदगाह में एक अंतर्राष्ट्रीय कांफ़्रेंस होगी।
ज्ञात रहे कि इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाह सैयद अली ख़ामेनेई के आदेशानुसार हर वर्ष मुहर्रम के पहले शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय अली असग़र दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर अमरीका, ब्रिटेन, यूरोप, अफ़्रीक़ा, अरब देशों, ईरान, इराक़, लेबनान, सीरिया, भारत, पाकिस्तान सहित लगभग 48 देशों में कांफ़्रेंसें और कार्यक्रम आयोजित होंगे। सन 61 हिजरी क़मरी में यज़ीद की क्रूर व निर्दयी सेना ने इमाम हुसैन के छह माह के बेटे हज़रत अली असग़र को तीन फल वाला तीर मारकर शहीद कर दिया था।