बहरैन के सबसे बड़े विपक्षी दल अलवेफ़ाक़ ने सरकार की ओर से तीन महीने तक पार्टी की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की निंदा करते हुए इसे पागलपन में उठाया गया क़दम बताया है।
अलवेफ़ाक़ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि दक़ियानूसी आदेश, देश की राजनैतिक व सामाजिक वास्तविकताओं को तबाह करके रख देगा और एक गुट या जाति को राजनैतिक मंच से दूर रखना, प्रतिशोधात्मक कार्यवाही है ।
अलवेफ़ाक़ के बयान में आया है कि यह फ़ैसला, वास्तविक प्रजातंत्र की बहाली और न्यायप्रिय सरकार के गठन के जनता के इरादों को तनिक भी डिगा नहीं सकता। बयान में कहा गया है कि जो फ़ैसला सुनाया गया है वह जनता के मूल अधिकारों के विपरीत है।
ज्ञात रहे कि बहरैन के न्यायालय ने देश के सबसे बड़े विपक्षी दल अलवेफ़ाक़ पर देश की स्थिति को सामान्य हालत पर लाने के लिए तीन महीने का प्रतिबंध लगा दिया है। बहरैन के न्यायमंत्री ने न्यायालय में याचिका दायर करके देश में कथित रूप से प्रजातांत्रिक प्रक्रिया में बाधा डालने के लिए अलवेफ़ाक़ पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी।
28 अक्टूबर 2014 - 19:50
समाचार कोड: 647551
बहरैन के सबसे बड़े विपक्षी दल अलवेफ़ाक़ ने सरकार की ओर से तीन महीने तक पार्टी की गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की निंदा करते हुए इसे पागलपन में उठाया गया क़दम बताया है।