सउदी अरब में तीन वकीलों को आठ साल के जेल की सज़ा इसलिए दी गयी है क्योंकि उन्होंने सोशल मीडिया में इस देश के न्याय तंत्र की आलोचना की थी।
एसपीए न्यूज़ एजेंसी ने सोमवार को कहा कि रियाज़ में एक अदालत ने वकीलों को नरेश की अवज्ञा करने और न्याय तंत्र को बदनाम करने का दोषी पाया है। इन वकीलों ने सोशल मीडिया पर इस देश के राजशाही न्यायिक तंत्र को पिछड़ा हुआ कहा था।
सउदी प्रेस एजेंसी ने रिपोर्ट में यह भी बताया कि रियाज़ की अदालत ने कार्यकर्ताओं पर कई साल तक सफ़र करने पर पाबंदी लगा दी है। इसी प्रकार मीडिया के सामने आने या मीडिया में लिखने या सोशल मीडिया के प्रयोग पर चाहे वह किसी भी नाम से हो, रोक लगा दी है।
सउदी अधिकारियों ने आरोपियों की पहचान बताने या उनके द्वारा लिखी गयी चीज़ों के ब्योरा देने से इंकार कर दिया। सउदी अदालत ने सचेत किया कि इस देश में सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वालों पर नज़र रखी जा रही है और धमकी दी कि ग़लती करने पर उनका भी वैसा ही अंजाम होगा जैसा वकीलों का हुआ है। सबसे ज़्यादा परिवर्तन विरोधी सउदी अरब में अरब देशों की तुलना में सबसे ज़्यादा ट्वीटर इस्तेमाल करने वाले हैं।
28 अक्टूबर 2014 - 15:45
समाचार कोड: 647519
सउदी अरब में तीन वकीलों को आठ साल के जेल की सज़ा इसलिए दी गयी है क्योंकि उन्होंने सोशल मीडिया में इस देश के न्याय तंत्र की आलोचना की थी।