28 अक्टूबर 2014 - 14:44
तकफ़ीरियों का इस्लाम धर्म से दूर दूर का कोई नाता नहीं

लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा है कि वर्तमान समय में तकफ़ीरी विचारधारा के प्रचार को रोकने की ज़िम्मेदारी सबसे पहले सऊदी अरब की है और तकफ़ीरियों के हाथों जो कुछ हो रहा है उससे इस्लाम धर्म की छवि ख़राब हो रही है।

लेबनान के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हिज़्बुल्लाह के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा है कि वर्तमान समय में तकफ़ीरी विचारधारा के प्रचार को रोकने की ज़िम्मेदारी सबसे पहले सऊदी अरब की है और तकफ़ीरियों के हाथों जो कुछ हो रहा है उससे इस्लाम धर्म की छवि ख़राब हो रही है।
सैयद हसन नसरुल्लाह ने सोमवार की रात दक्षिणी बैरूत के सैयदुश्शोहदा काम्पलेक्स में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज जिस प्रकार तकफ़ीरियों के हाथों इस्लाम की छवि बिगाड़कर पेश की जा रही है इसका इस्लामी इतिहास में कोई उदाहरण नहीं मिलता।  सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि तकफ़ीरियों का इस्लाम धर्म से दूर दूर का कोई नाता नहीं है। उन्होंने कहा कि तकफ़ीरी गुट लोगों का जनसंहार और आम लोगों की हत्या करके पवित्र क़ुरआन की आयतें और पैग़म्बरे इस्लाम के हवाले से गढ़ी हुई हदीसों से अपने कृत्यों का तर्क पेश करता है। सैयद हसन नसरुल्लाह ने कहा कि वर्तमान स्थिति साम्राज्यवादियों का षडयंत्र है जो वे इस माध्यम से मुसलमानों को एक ख़ूंख़ार और पाश्विक गुट के रूप में पेश करते हैं और समय गुज़रने के साथ धीरे धीरे लोगों की समझ में इस विचारधारा का ग़लत होना आ जाएगा।
सैयद हसन नसरुल्लाह ने इस बात की ओर संकेत करते हुए कि शत्रुओं ने पूरी दुनिया में तकफ़ीरी विचारधारा के प्रसार के लिए सैकड़ों अरब डालर ख़र्च किए हैं, कहा कि आज इस्लाम धर्म, इस्लामी समाज और इस्लामी जगत को भीषण ख़तरा है और मुसलमानों को इस्लामी जगत में तकफ़ीरी शक्तियों के प्रसार को समझना चाहिए और इसका मुक़ाबला करना चाहिए। सैयद हसन नसरुल्लाह ने इस बात की ओर संकेत करते हुए कि तकफ़ीरी विचारधारा, इस्लाम के संबंध में भ्रांति उत्पन्न होने का कारण बनी है, कहा कि तकफ़ीरी सरग़ना कभी भी फ़िलिस्तीन में ज़ायोनियों के विरुद्ध युद्ध नहीं करना चाहते। हिज़्बुल्लाह के महासचिव ने इस बात की ओर संकेत करते हुए कि तकफ़ीरी विचारधाराओं का स्रोत, वहाबियत है, कहा कि दो सौ वर्ष पूर्व, अरब क्षेत्र में एक नये वैचारिक आंदोलन ने पनपना आरंभ किया और कुछ सरकारें उसे पूरी दुनिया में मज़बूत बनाने और विस्तृत करने का प्रयास कर रही हैं। सैयद हसन नसरुल्लाह ने तकफ़ीरी विचारधारा के मुक़ाबले में वास्तविक इस्लाम की रक्षा के लिए शीया और सुन्नी धर्मगुरुओं की ज़िम्मेदारियों और भूमिकाओं पर बल दिया और कहा कि तकफ़ीरी विचारधारा को रोकना बहुत आवश्यक है।