इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने ईरान को इस्लामी जगत से अलग करने के षड्यंत्र से निपटने के लिए हज को बेहतरीन अवसर बताया कि जिसके ज़रिए इस्लाम के दुश्मनों के दुष्प्रचार और उनके द्वारा फैलायी जाने वाली भ्रान्तियों से निपटा और लोगों की वैचारिक व आध्यात्मिक ज़रूरतों को पूरा किया जा सकता है।
ईरान की हज व ज़ियारत संस्था के अधिकारियों ने मंगलवार की सुबह आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई से मुलाक़ात की। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता ने बल देकर कहा कि हज की उपयोगिता को नए दृष्टिकोण के साथ बढ़ाने की ज़रूरत है ताकि लोगों की वैचारिक व आध्यात्मिक ज़रूरतें पूरी की जाएं और इसी प्रकार इस्लाम के दुश्मनों के दुष्प्रचारों से निपटा जाए। उन्होंने कहा कि इस्लामी जगत के बीच एकता के दुश्मनों की एक चाल इस्लामी जगत और ईरान के बीच दीवार खड़ी करना भी है और सभी को हज को इस्लामी जगत के एकत्रित होने के स्थान के रूप में इस जाली दीवार को गिराने और दुश्मन के दुष्प्रचारों से प्रभावित विचारों को बदलने के लिए बेहतरीन ढंग से उपयोग करना चाहिए।
आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने इस्लामी एकता को इस्लामी जगत की महत्वूपर्ण ज़रूरत बताते हुए कहा कि मुसलमानों के बीच एकता इस्लामी शिक्षाओं का अभिन्न भाग है और इस संदर्भ में इस्लामी गणतंत्र को किसी प्रकार की झिझक नहीं है। उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि इस्लामी एकता का अर्थ यह नहीं है कि विभिन्न इस्लामी संप्रदाय अपने विचारों को छोड़ दें, कहा कि इस्लामी एकता कि जिसका इस्लामी गणतंत्र ईरान ने नारा दिया है, इस अर्थ में है कि इस्लामी जगत आपस में किसी से दुश्मनी न करे और महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय मामलों का समर्थन करे।वरिष्ठ नेता ने दुश्मन के दुष्प्रचार के प्रभावी तत्वों और इससे पहुंचने वाले नुक़सान का पता लगाने पर बल दिया।
28 अक्टूबर 2014 - 14:26
समाचार कोड: 647488
इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता ने ईरान को इस्लामी जगत से अलग करने के षड्यंत्र से निपटने के लिए हज को बेहतरीन अवसर बताया कि जिसके ज़रिए इस्लाम के दुश्मनों के दुष्प्रचार और उनके द्वारा फैलायी जाने वाली भ्रान्तियों से निपटा और लोगों की वैचारिक व आध्यात्मिक ज़रूरतों को पूरा किया जा सकता है।