जायोनी शासन के युद्धमंत्री ने स्वीकार किया है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मामले में अमेरिका और इस्राईल के मध्य मतभेद है।
मूशे यालून ने गुरूवार को एक साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका और इस्राईल के मध्य इस बारे में मतभेद है कि ईरान के परमाणु मामले के बारे में किस प्रकार का समझौता एवं लेन देन की जाये। यालून ने दावा किया कि ईरान के साथ परमाणु वार्ता में मिसाइल और सेन्ट्रीफ्यूज सहित समस्त विषयों के बारे में वार्ता की जानी चाहिये।
जायोनी शासन के युद्धमंत्री ईरान के साथ वार्ता के लिए एसी स्थिति में विषय निर्धारित कर रहे हैं जब इस्राईल के पास २०० से अधिक परमाणु वार हेड्स मौजूद हैं जो विश्व की शांति व सुरक्षा के लिए गम्भीर खतरा है।
इसी प्रकार जायोनी शासन ईरान और गुट पांच धन एक के मध्य वार्ता का विरोधी है और परमाणु विषय को तेहरान पर दबाव डालने का मात्र बहाना बना रखा है परंतु इस्लामी गणतंत्र ईरान ने अपनी आंतरिक क्षमताओं को आधार बनाकर अपनी शांतिपूर्ण गतिविधियों को जारी रखने पर बल दिया है।
24 अक्टूबर 2014 - 19:20
समाचार कोड: 646561
जायोनी शासन के युद्धमंत्री ने स्वीकार किया है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम के मामले में अमेरिका और इस्राईल के मध्य मतभेद है।