19 अक्टूबर 2014 - 18:19
 आईएसआईएल और ज़ायोनी एक ही सिक्के के दो रुख़ हैं

रक्षामंत्री ब्रिगेडियर जनरल हुसैन देहक़ान ने अपने लेबनानी समकक्ष से भेंट में बल देकर कहा कि आतंकी संगठन आईएसआईएल और अत्याचारी ज़ायोनी एक ही सिक्के के दो रुख़ हैं।

रक्षामंत्री ब्रिगेडियर जनरल हुसैन देहक़ान ने अपने लेबनानी समकक्ष से भेंट में बल देकर कहा कि आतंकी संगठन आईएसआईएल और अत्याचारी ज़ायोनी एक ही सिक्के के दो रुख़ हैं।
शनिवार की रात होने वाली इस भेंटवार्ता में रक्षामंत्री ने इस संवेदनशील चरण में लेबनानी रक्षामंत्री के तेहरान दौरे पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि लेबनान प्राचीन सभ्यता और संस्कृति का स्वामी देश है। उन्होंने कहा कि लेबनान और ईरानी राष्ट्रों के मध्य सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक समानताएं पायी जाती हैं। उनका कहना था कि लेबनान एक स्वतंत्र और स्थिर देश होने तथा उसकी बेहतरीन भौगोलिक स्थिति के दृष्टिगत, ईरान की विदेश नीति में सदैव सर्वोपरि रहा है और ईरान ने लेबनान की एकता, अखंडता और शांति व सुरक्षा का सदैव समर्थन किया है।
ब्रिगेडियर जनरल हुसैन देहक़ान ने दोनों देशों के मैत्रीपूर्ण संबंधों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ईरान, अपने मित्र देश लेबनान के साथ समस्त क्षेत्रों में संबंधों के विस्तार का इच्छुक है। उन्होंने क्षेत्र की संवेदनशील स्थिति और ज़ायोनी शासन को सुरक्षित रखने के लिए कुछ देशों की नीतियों की ओर संकेत करते हुए कहा आतंकी संगठन, कुछ क्षेत्रीय और पश्चिमी देशों की ग़लत नीतियों के कारण अस्तित्व में आये हैं और यह देश इन संगठनों की वित्तीय और सामरिक सहायताएं कर रहे हैं।
रक्षामंत्री ने आईएसआईएल और ज़ायोनियों को एक ही सिक्के का दो रुख़ बताया और कहा कि दोनों की आम नागरिकों का जनसंहार करते हैं, आधारभूत ढांचों को तबाह कर रहे हैं, लेबनान, इराक़ और सीरिया में फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध को कमज़ोर रहे हैं और इस्लामी जगत में अशांति फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि आईएसआईएल और ज़ायोनियों के ख़तरों से निपटने के लिए समस्त मुसलमानों को एकजुट हो जाना चाहिए और प्रतिरोध का भरपूर समर्थन करना चाहिए।
इस भेंटवार्ता में लेबनान के रक्षामंत्री ने अपनी ईरान यात्रा पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विभिन्न क्षेत्रों विशेषकर रक्षा के क्षेत्र में दोनों देशों के संबंधों को विस्तृत किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आईएसआईएल और ज़ायोनी शासन, लेबनान के शत्रु हैं और देश की समस्त राजनैतिक पार्टियां, दल और पूरी जनता आतंकवाद से संघर्ष में लेबनानी सेना का भरपूर समर्थन कर रही है।