इराक़ के हिज़्बुल्लाह संगठन के महासचिव ने सउदी अरब में शीया धर्मगुरु को फांसी देने के आदेश के दुष्परिणाम की ओर से सउदी शासन को सचेत किया है।
शैख़ अब्बास अलमहमदावी ने शुक्रवार को समाचार एजेंसी तस्नीम से बातचीत में सउदी अरब के वरिष्ठ शीया धर्मगुरु शैख़ निम्र बाक़िर अन्निम्र को फांसी देने के इस देश की अदालत के हुक्म की आलोचन करते हुए कहा कि अगर इस आदेश पर अमल हुआ तो क्षेत्र में सउदी अरब से संबंधित कोई भी स्थान सुरक्षित नहीं रहेगा।
शैख़ अलमहमदावी ने शैख़ निम्र को फांसी पर आधारित हुक्म के लागू होने की स्थिति में इस हुक्म के सभी क्षेत्रीय देशों के साथ सउदी अरब के संबंधों पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव की ओर इशारा करते हुए कहा कि शैख़ निम्र को फांसी देने की स्थिति में सउदी अरब में स्वतंत्रता आंदोलन छिड़ सकते हैं।
इराक़ के हिज़्बुल्लाह संगठन के महासचिव ने शैख़ निम्र के ख़िलाफ़ आले सऊद शासन के आपराधिक आदेश के संबंध में शीयों की ओर से व्यापक प्रतिक्रिया की ओर इशारा करते हुए कहा कि सउदी अरब को विभिन्न देशों की चेतावनी के मद्देनज़र किसी प्रकार के जल्दबाज़ी भरे क़दम से बचना चाहिए।
रियाज़ की आपराधिक अदालत ने 15 अक्तूबर को शैख़ निम्र बाक़िर अन्निम्र को, उस क़दम के कारण जिसे रियाज़ राष्ट्रीय सुरक्षा के ख़िलाफ़ क़दम कहता है, फांसी की सज़ा दी है। शैख़ निम्र को 2012 में सउदी अरब में शीयों के प्रदर्शन के बाद गिरफ़्तार कर लिया गया था।
18 अक्टूबर 2014 - 18:57
समाचार कोड: 645238
इराक़ के हिज़्बुल्लाह संगठन के महासचिव ने सउदी अरब में शीया धर्मगुरु को फांसी देने के आदेश के दुष्परिणाम की ओर से सउदी शासन को सचेत किया है।