वरिष्ठ नेता ने 50 दिवसीय युद्ध में ग़ज़्ज़ा की विजय और इस क्षेत्र की नाकाबंदी से घिरी जनता से मुक़ाबले में ज़ायोनी शासन की ओर से बेबसी भरे बयान को महासफलता और ईश्वर की ओर से मदद के वादे का उदाहरण बताया तथा और बड़ी सफलता मिलने की शुभसूचना दी।
फ़िलिस्तीन के इस्लामी जेहाद आंदोलन के महासचिव रमज़ान अब्दुल्लाह ने गुरुवार को वरिष्ठ नेता से मुलाक़ात की। वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने पचास दिवसीय युद्ध में ग़ज़्ज़ा की महासफलता पर प्रसन्नता जताते हुए बल दिया कि ईरान और ईरानी जनता को फ़िलिस्तीन की सफलता व दृढ़ता पर गर्व है और हमें आशा है कि प्रतिरोध की सफलता का क्रम अंतिम सफलता तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सामान्य समीरकण व समीक्षाओं के आधार पर ज़ायोनी शासन को इतनी संभावनाओं के साथ ग़ज़्ज़ा लड़ाई के शुरु के कुछ ही दिन में सारा काम ख़त्म कर देना चाहिए था लेकिन अंत में उसने अपनी बेबसी को स्वीकार कर लिया और प्रतिरोध की शर्तों के सामने झुक गया।
वरिष्ठ नेता ने संघर्षकर्ताओं की सहायता के लिए ईश्वर की ओर से मदद के वादे की ओर इशारा करते हुए कहा कि प्रतिरोध को जनता की ओर से आश्चर्यजनक समर्थन और शत्रु की ओर से निरंतर बमबारी व जनसंहार से उसका न घबराना, ईश्वरीय कृपा व मदद के सिवा कुछ और नहीं है। उन्होंने इस बात की ओर इशारा करते हुए कि ज़ायोनी शासन की ओर से फिर से अतिक्रमण की संभावना को नकारा नहीं जा सकता, कहा कि प्रतिरोध आंदोलनों को हर दिन अपनी तय्यारी में वृद्धि करनी चाहिए और ग़ज़्ज़ा के भीतर प्राकृतिक संसाधनों को बढ़ाना चाहिए। वरिष्ठ नेता ने अतिग्रहणकारी ज़ायोनी शासन से लड़ाई में पश्चिमी तट को ग़ज़्ज़ा के साथ मिलाने की योजना को बहुत महत्वपूर्ण बताया और बल दिया कि ज़ायोनी शासन से लड़ाई बहुत निर्णायक है इसलिए ऐसा काम होना चाहिए कि जिस प्रकार दुश्मन ग़ज़्ज़ा की ओर से चिंतित है उसी प्रकार वह पश्चिमी तट की ओर से भी चिंतित रहे।
इस अवसर पर इस्लामी जेहाद आंदोलन के महासचिव रमज़ान अब्दुल्लाह ने कहा कि हालिया पचास दिवसीय युद्ध में जनप्रतिरोध आंदोलन की सफलता ईरान की मदद के बिना संभव नहीं थी।
उन्होंने इस युद्ध में गौरवान्वित करने वाली सफलता की वरिष्ठ नेता को बधाई देते हुए कहा कि इस बात में शक नहीं कि यह सफलता ईरान के समर्थन से हासिल हुयी और यदि ईरान की प्रभावी व स्ट्रेटिजिक मदद न होती तो ग़ज़्ज़ा में प्रतिरोध व सफलता संभव न होती। रमज़ान अब्दुल्लाह ने कहा कि ग़ज़्ज़ा में प्रतिरोध की विजय वास्तव में फ़िलिस्तीनी राष्ट्र की विजय है और इस असमान युद्ध में गंभीर हानि के बावजूद फ़िलिस्तीनी राष्ट्र का समर्थन, धैर्य और प्रतिरोध अनुदाहरणीय है।
16 अक्टूबर 2014 - 18:01
समाचार कोड: 644846
फ़िलिस्तीन के इस्लामी जेहाद आंदोलन के महासचिव रमज़ान अब्दुल्लाह ने गुरुवार को वरिष्ठ नेता से मुलाक़ात की। वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने पचास दिवसीय युद्ध में ग़ज़्ज़ा की महासफलता पर प्रसन्नता जताते हुए बल दिया कि ईरान और ईरानी जनता को फ़िलिस्तीन की सफलता व दृढ़ता पर गर्व है और हमें आशा है कि प्रतिरोध की सफलता का क्रम अंतिम सफलता तक जारी रहेगा।