सऊदी अरब के विदेश मंत्री के भड़काऊ और निराधार बयान के जवाब में ईरान की संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति आयोग के प्रमुख ने कहा कि इस बयान के हक़दार वह लोग हैं जो सीरिया और इराक़ में आतंकवादी संगठनों का लगातार मदद कर रहे हैं और बहरैन में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को कुचलने के लिए सैन्य बल का प्रयोग कर रहे हैं।
अलाउद्दीन बुरूजर्दी ने तेहरान की मस्जिद अलजवाद में कहा कि मेरे विचार में ईरानी क़ब्ज़े के बारे में सऊदुल फ़ैसल का बयान उनकी बीमारी और बुढ़ापे का नतीजा है क्योंकि क़ब्ज़ा करने वाली शक्ति की उपाधि सऊदी अरब पर पूरी उतरती है। श्री बुरूजर्दी ने कहा कि अमरीका जो हमारा सबसे बड़ा शत्रु है वह भी मानता है कि ईरान क्षेत्र में सार्थक भूमिका निहा रहा है और ईरान के सहयोग कि बग़ैर क्षेत्रीय मामलों का समाधान नहीं हो सकता।
अलाउद्दीन बरुजर्दी ने सीरिया में ईरान की भूमिका के बारे में बताया कि पिछले चार साल के दौरान हमारी भूमिका केवल आतंकवाद की रोकथाम तक सीमित थी। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार हमने इराक़ में भी आतंकवाद पर नकेल कसने के संबंध में जो भूमिका निभाई वह इराक़ी अधिकारियों के कथनानुसार भी बहुत प्रभावी और सार्थक थी।
बहरैन में सऊदी अरब के सेनाओं की उपस्थिति के बारे में श्री बुरूजर्दी ने कहा कि क़ब्ज़ा करने वाली शक्ति सऊदी अरब को कहना चाहिए जिसने निहत्थे प्रदर्शनकारियों के दमन के लिए अपनी सेनाएं तैनात की हैं।
ज्ञात रहे कि सऊदी अरब के विदेश मंत्री सऊदुल फ़ैसल ने जर्मन विदेश मंत्री के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि ईरान ने सीरिया पर क़ब्ज़ा किया है और उसे चाहिए कि अपने सैनिकों को बाहर निकाले। उन्होंने कहा कि यही स्थिति इराक़ और यमन में भी है।
ईरान के विदेश उपमंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने सऊदुल फ़ैसल के बयान को दोनों देशों के बीच जारी कूटनैतिक विचार विमर्श के वातावरण के विपरीत बताया था। उन्होंने कहा कि ईरान ने सीरिया और इराक़ में आतंकवाद से लड़ाई में दोनों देशों की सरकारों और जनता की सहायता की।
15 अक्टूबर 2014 - 18:50
समाचार कोड: 644612
सऊदी अरब के विदेश मंत्री के भड़काऊ और निराधार बयान के जवाब में ईरान की संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति आयोग के प्रमुख ने कहा कि इस बयान के हक़दार वह लोग हैं जो सीरिया और इराक़ में आतंकवादी संगठनों का लगातार मदद कर रहे हैं और बहरैन में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को कुचलने के लिए सैन्य बल का प्रयोग कर रहे हैं।