3 अक्टूबर 2014 - 18:37
कूबानी क्षेत्र ख़तरे में, अंतर्राष्ट्रीय सहायता की गुहार

उत्तरी सीरिया में तुर्की की सीमा पर स्थित कुर्द बाहुल्य क्षेत्र कूबानी में यदि समय पर अंतर्राष्ट्रीय सहायता नहीं पहुंची तो वहां तकफ़ीरी आतंकी व्यापक स्तर पर जनसंहार कर सकते हैं।

उत्तरी सीरिया में तुर्की की सीमा पर स्थित कुर्द बाहुल्य क्षेत्र कूबानी में यदि समय पर अंतर्राष्ट्रीय सहायता नहीं पहुंची तो वहां तकफ़ीरी आतंकी व्यापक स्तर पर जनसंहार कर सकते हैं।
कूबानी की रक्षा पर तैनात सेना के प्रवक्ता इसमत शैख़ हसनने कहा कि कुर्द मिलिशिया, अमरीका के नेतृत्व में लड़ने वाली घटक सेना की ओर से ख़ाली कराए गये क्षेत्रों की रक्षा कर रहे हैं। यह ऐसी स्थिति में है कि जब हालिया दिनों में निकटवर्ती क्षेत्रों में हवाई हमले किए गये हैं। शैख़ हसन का कहना था कि अब यह कुछ ही देर का मामला है, जब आईएसआईएल के आतंकी नगर में प्रविष्ट हो जाएंगे और लोगों का व्यापक स्तर पर जनसंहार होगा।
इसमत शैख़ हसन कूबानी क्षेत्र की रक्षा पर तैनात सैनिकों का नेतृत्व कर रहे हैं जिसे एनुल अरब के नाम से भी जाना जाता है। दूसरी ओर तुर्की की संसद ने सरकार को आईएसआईएल के विरुद्धय सीरिया और इराक़ में सैन्य कार्यवाही की अनुमति दे दी है। बृहस्तपतिवार को तुर्क संसद ने एक प्रस्ताव पास किया जिसमें आईएसआईएल के विरुद्ध संघर्ष में शामिल होने और तुर्क सैन्य अड्डों के प्रयोग की अनुमति भी दे दी गयी है। तुर्की ने दक्षिणी नगर अनसरलीक में स्थित अपनी एक सैन्य छावनी पहले ही अमरीका के हवाले कर रखी है।
तुर्क प्रधानमंत्री अहमद दाऊद ओग़लू ने दावा किया है कि तुर्की, उत्तरी सीरिया के कूबानी क्षेत्र पर आईएसआईएल के नियंत्रण को रोकने के लिए समस्त प्रयास करेगा। उनका कहना था कि तुर्की इस बात की अनुमति कभी नहीं देगा कि कुर्द बाहुल्य क्षेत्र पर आईएसआईएल का नियंत्रण हो जाए। उन्होंने यह बात संसद में सीरिया और इराक़ में सैन्य हस्तक्षेप से संबंधित प्रस्ताव के पास होने के बाद कही। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव के बाद तुर्क सेना आईएसआईएल के विरुद्ध इराक़ और सीरिया में घटक सेना के साथ मिलकर कार्यवाही करेगी।