संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा के अधिवेशन में इस्राईली प्रधानमंत्री के बयान की फ़िलिस्तीनियों ने कड़े शब्दों में निंदा की है।
नेतिन याहू ने 29 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा के अधिवेशन में भाषण देते हुए फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास से इस्राईल के युद्ध की तुलना सीरिया और इराक़ में अमरीका के नेतृत्व में आईएसआईएल के विरुद्ध होने वाली कार्यवाहियों से की थी।
ग़ज़्ज़ा युद्ध में घायल होने वाले एक फ़िलिस्तीनी अहमद ज़ईम का कहना था कि इस्राईल के प्रधानमंत्री नेतिन याहू को संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा के अधिवेशन में भाषण देने की अनुमति नहीं देना चाहिए क्योंकि वे एक युद्ध अपराधी हैं और उनके सैनिकों ने हमारे विरुद्ध जो अपराध किए हैं उसके कारण उन पर मुक़द्दमा चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नेतिन याहू एक जंगली जानवर है उसे इंसानों के साथ नहीं रहने देना चाहिए।
ग़ज़्ज़ा में मानवाधिकार कार्यकर्ता समीर जक़ूत ने प्रेस टीवी से बात करते हुए कहा कि इस्राईली सैनिकों ने ग़ज़्ज़ा में भीषण जनसंहार किया और आम लोगों के घरों को तबाह किया। नेतिन याहू का भाषण, ग़ज़्ज़ा में फ़िलिस्तीनियों के विरुद्ध इस्राईल के युद्ध अपराधों पर विश्व समुदायह के सहभागी होने को सिद्ध करता है।
हमास ने भी नेतिन याहू के बयान की निंदा करते हुए इसे घृणा से भरा हुआ भाषण बताया है। हमास के प्रवक्ता फ़ौज़ी बरहूम ने इस संबंध में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मंच पर नेतिन याहू को निमंत्रित करना, बहुत बड़ी ग़लती है, वे एक युद्ध अपराधी हैं और उन पर अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में मुक़द्दमा चलाया जाना चाहिए, उनका ठिकाना केवल जेल है।
1 अक्टूबर 2014 - 17:11
समाचार कोड: 641655
संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा के अधिवेशन में इस्राईली प्रधानमंत्री के बयान की फ़िलिस्तीनियों ने कड़े शब्दों में निंदा की है।