इस्लामी गणतंत्र ईरान की सशस्त्र सेना के प्रमुख ने कहा है कि आतंकवादी संगठन आईएस पर बमबारी के बहाने इराक़ और सीरिया की संप्रभुता का उल्लंघन नहीं किया जा सकता। सैयद हसन फ़ीरोज़ाबादी ने झूठे बहानों से आईएस पर आक्रमण के लिए पश्चिमी देशों विशेषकर अमरीका की ओर से भूमि प्रशस्त करने के बारे में कहा कि पेरिस कांफ़्रेंस में अमरीका और उसके घटकों का निर्णय, सीरिया एवं इराक़ की सरकारों की सहकारिता के साथ ही अन्तर्राष्ट्रीय नियमों के अनुरूप होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि सैनिक विशेषज्ञों को पता है कि आतंकवाद का समाधान हवाई बमबारी से संभव नहीं है। हसन फ़ीरोज़ाबादी ने कहा कि यह कार्यवाही, आतंकवाद से मुक़ाबले में की जाने वाली कार्यवाहियों का मात्र एक भाग हो सकता है।
ईरान की सशस्त्र सेना के प्रमुख ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में विगत में अमरीका और उसके घटकों की कार्यवाही दर्शाती है कि षडयंत्र का मुख्य उद्देश्य, वृहत्तर मध्यपूर्व योजना को व्यवहारिक बनाने के लिए नई राजनैतिक सीमाओं का निर्धारण करना था।
सैयद हसन फ़ीरोज़ाबादी ने क्षेत्रीय देशों से बहुत होशियार रहने की अपील करते हुए आशा व्यक्त की है कि इस बार उन देशों को बहुत होशियार रहने की आवश्यकता है जिन्होंने आतंकवादी संगठन आईएस के गठन में सहायता की है।
15 सितंबर 2014 - 19:00
समाचार कोड: 637993
इस्लामी गणतंत्र ईरान की सशस्त्र सेना के प्रमुख ने कहा है कि आतंकवादी संगठन आईएस पर बमबारी के बहाने इराक़ और सीरिया की संप्रभुता का उल्लंघन नहीं किया जा सकता।