इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने आईएस के विरुद्ध गठबंधन के बारे में अमरीकी अधिकारियों के बयानों को खोखला और संदिग्ध बताया है।
आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि इराक़ में जो कार्यवाही की गई और जिसने आईएस की कमर तोड़ दी वह अमरीका का काम नहीं था बल्कि यह इराक़ की सेना और जनता का प्रयास था।
आयतुल्लहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने आईएस से मुक़ाबले के लिए अमरीकी झूठ की ओर संकेत करते हुए कहा कि इराक़ पर आईएस के आक्रमण के आरंभिक दिनों में ही इराक़ में मौजूद अमरीकी राजदूत ने ईरान के राजदूत से मांग की थी कि तेहरान और वाशिंग्टन को आईएस से मुक़ाबले के लिए वार्ता करनी चाहिए।
15 सितंबर 2014 - 18:40
समाचार कोड: 637985
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने आईएस के विरुद्ध गठबंधन के बारे में अमरीकी अधिकारियों के बयानों को खोखला और संदिग्ध बताया है।