7 सितंबर 2014 - 19:13
फ़िलिस्तीनी मुद्दा इस्लामी दुनिया का सबसे प्रमुख मुद्दा।

आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने रविवार को तेहरान में हज व ज़ियारत संस्था के अधिकारियों के साथ भेंट में हज के मौसम को धार्मिक एवं आध्यात्मिक मामलों में सुधार हेतु अत्यंत अनुकूल अवसर बताया।

अबनाः बइस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने हज को एक महत्वपूर्ण अवसर बताया है। आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने रविवार को तेहरान में हज व ज़ियारत संस्था के अधिकारियों के साथ भेंट में हज के मौसम को धार्मिक एवं आध्यात्मिक मामलों में सुधार हेतु अत्यंत अनुकूल अवसर बताया। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को चाहिए कि वे इस धार्मिक यात्रा की आध्यात्मिक अनुकंपाओं से पूरा लाभ उठाएं। वरिष्ठ नेता ने कहा कि हमको ईश्वर के साथ संपर्क इतना सुदृढ़ करना चाहिए कि हज से वापसी के बाद हाजी में वास्तविक परिवर्तन दिखाई दें।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि हज़ के अवसर पर इस्लामी जगत की समस्याओं के समाधान पर विचार-विमर्श किय जाना भी आवश्यक है। आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनेई ने कहा किया कि वर्तमान समय में इस्लामी जगत को गंभीर संकटों का सामना है। उन्होंने कहा कि एक बड़ा संकट वर्चस्ववादी शक्तियों की ओर से मुसलमानों के बीच मतभेद फैलाना और भ्रांतियां उत्पन्न करना है। वरिष्ठ नेता ने कहा कि बड़े खेद की बात है कि कुछ मुसलमान धोखे या अनजाने में इस्लाम के शत्रुओं की सहायता करते हैं और इस प्रकार वे अमरीकी और ज़ायोनी हितों के मार्ग पर चल रहे हैं।
इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई ने वर्तमान परिस्थितियों में “तकफ़ीरी प्रक्रिया को मुसलमानों के बीच मतभेद फैलाने का हथकण्डा बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य फ़िलिस्तीन के विषय को भुलाकर मुसलमानों को आपस मे लड़वाना है। उन्होंने बल देकर कहा कि फ़िलिस्तीन का विषय, इस्लामी जगत का महत्वपूर्ण विषय है जिसपर हज के दौरान विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।