7 सितंबर 2014 - 19:13
परमाणु बातचीत में देरी का कारण अमरीका की अवैध मांगें।

ईरान की संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति आयोग के प्रवक्ता सैयद हुसैन नक़वी हुसैनी ने अमरीका की ओर से जेनेवा समझौते के उल्लंघन और पश्चिमी देशों की अनुचित मांगों को ईरान तथा अमरीका की वार्ता के लंबा खिंचने का कारण बताया।

अबनाः ईरान की संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा एवं विदेश नीति आयोग के प्रवक्ता सैयद हुसैन नक़वी हुसैनी ने अमरीका की ओर से जेनेवा समझौते के उल्लंघन और पश्चिमी देशों की अनुचित मांगों को ईरान तथा अमरीका की वार्ता के लंबा खिंचने का कारण बताया।
सैयद हुसैन नक़वी हुसैनी ने पत्रकारों के साथ वार्ता में ईरान और अमरीका के बीच वार्ता के लंबा खिंचने के कारण के बारे में कहा कि वार्ता प्रक्रिया के दौरान अमरीका की ओर से अनुचित मांगें और जेनेवा समझौते के उल्लंघन के कारण वार्ता के मार्ग में बाधाएं उत्पन्न हुई हैं। उन्होंने आगे कहा कि अमरीका को वार्ता के दौरान पहले जेनेवा समझौते के प्रति अपनी कटिबद्धता सिद्ध करनी होगी क्योंकि एसी स्थिति में ही व्यापक समझौते के व्यवहारिक होने के प्रति आशान्वित हुआ जा सकता है। हुसैन नक़वी हुसैनी कहा कि जनेवा मे दोनो पक्षों ने इस बात का प्रयास किया कि व्यापक समझौते तक पहुंचने के लिए अपने उद्देश्यों को स्पष्ट किया जाए।
ज्ञात रहे कि हाल ही में जनेवा में अमरीका और ईरान के बीच द्विपक्षीय वार्ता लगभग 20 घंटों तक चली। ईरान की परमाणु वार्ता की टीम का नेतृत्व वरिष्ठ परमाणु वार्ताकार सैयद अब्बास इराक़ची के हाथों में था।