7 सितंबर 2014 - 18:43
इराक़ से मिली सरहद पर सऊदी सेनाएं सतर्क।

सउदी अरब ने इराक़ से मिली सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ाते हुए इस देश को घुसपैठियों से बचाने की कोशिश का हिस्सा क़रार दिया है।

अबनाः सउदी अरब ने इराक़ से मिली सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ाते हुए इस देश को घुसपैठियों से बचाने की कोशिश का हिस्सा क़रार दिया है।
सउदी अरब के शासक अब्दुल्लाह बिन अब्दुल अज़ीज़ ने कहा कि राजशाही व्यवस्था ने उत्तर में कई परतों वाली बाड़ लगवाना शुरु की है। एएफ़पी ने सउदी मीडिया के हवाले से शनिवार को यह रिपोर्ट दी। यह बाड़ उस सुरक्षा योजना का हिस्सा है जो उत्तरी सीमा के 900 किलोमीटर क्षेत्र को सुरक्षा प्रदान करेगी। सउदी अरब की सीमा इराक़ से मिली है जो 800 किलोमीटर तक फैली हुयी है। सउदी मीडिया ने कहा कि पांच परतों वाली बाड़ परयोजना से घुसपैठियों, मादक पदार्थ, शस्त्रों और मवेशियों द्वारा तस्करी की घटनाएं शून्य हो जाएंगी। इस रिपोर्ट में आया है कि पूर्वोत्तर में हफ़र अलबतीन से पश्चिमोत्तर में जार्डन के तुरैफ़ क्षेत्र इस परियोजना में शामिल हैं। इसके तहत विभिन्न स्थानों पर पहरेदारी करने वाले मीनारें बनाई जाएंगी, रात में देखने वाले कैमरे और 50 रडाल लगाए जाएंगे।
सउदी अरब ने यह क़दम ऐसी स्थिति में उठाया है जब पड़ोसी नगर इराक़ में सेना, आतंकवादी गुट आईएस के आतंकवादियों के सफ़ाया अभियान में लगी हुयी है।
अगस्त के आख़िर में इस प्रकार की रिपोर्टें आयी थीं कि आईएस के आतंकवादी ईदुल अज़्हा के अवसर पर सउदी अरब पर हमले की योजना बना रहे थे।
आईएस के आतंकवादी इराक़ और सीरिया में अपने अधिकार वाले क्षेत्रों में आम लोगों व सुरक्षा कर्मियों के ख़िलाफ़ ऐसे ऐसे अपराध कर रहे हैं कि मानवता शर्मा जाए। इराक़ी सेना विभिन्न मोर्चों पर आईएस के ख़िलाफ़ लड़ रही है और इस आतंकवादी गुट के आतंकियों को अनेक क्षेत्रों से खदेड़ने में सफल रही है।
इराक़ में वरिष्ठ अधिकारी सउदी अरब, क़तर और फ़ार्स खाड़ी के कुछ तटवर्ती देशों को इराक़ में बढ़ते आतंकवाद के लिए ज़िम्मेदा मानते हैं।
तकफ़ीरी आतंकवादी आईएस का सउदी गुप्तचर सेवा के साथ संपर्क है और माना जा रहा है कि इस आतंकी गुट को इस्राइली शासन का अप्रत्यक्ष समर्थन हासिल है।