अबनाः संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद, इराक़ में आतंकवादी गुट दाइश के अपराधों की जांच के लिए एक आपात मिशन भेजने पर सर्वसम्मति से सहमत हो गयी है। इससे पहले बग़दाद सरकार ने इस संस्था को आतंकवादी संगठन का मुक़ाबला करने की ओर से सचेत किया था।
सोमवार को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 47 सदस्य देश इराक़ में आतंकवादी गुट दाइश द्वारा किए गए जनसंहार, जबरन धर्मान्तरण, अपहरण, दासता, यौन हिंसा, और बच्चों को लड़ाकों और आत्मघाती बम धमाके करने में प्रयोग करते सहित अनेक ख़तरनाक अपराधों की सुनवाई के लिए पूरा दिन बिताने के बाद, इराक़ में एक आपात मिशन भेजने पर सहमत हुए।
इराक़ के मानवाधिकार मंत्री मोहम्मद शिया सूदानी ने इस परिषद से कहा, “ हम आतंकवादी राक्षसों का मुक़ाबला कर रहे हैं।” उन्होंने दाइश के कृत्यों को जातीय सफ़ाए और मानवता के विरुद्ध अपराध की संज्ञा दी। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद का यह विशेष सत्र इराक़ सरकार के अनुरोध पर बुलाया गया जिसका अन्य देशों सहित सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों ने भी समर्थन किया।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की उपप्रमुख फ़्लैविया पैनसिरी ने विशेष सत्र को संबोधित करते हुए सदस्य देशों के कूटनियकों से कहा, “ जो रिपोर्टें मिली हैं वह इतने बड़े पैमाने पर अमानवीय कृत्य की सूचक हैं जिनकी कल्पना नहीं की जा सकती।”
आतंकवादी गुट दाइश ने 9 जून से इराक़ के सुन्नी बाहुल इलाक़े के एक बड़े भाग पर क़ब्ज़ा कर लिया है। इसी प्रकार इस गुट ने सीरिया के भी कुछ क्षेत्रों पर क़ब्ज़ा कर रखा है और इन दोनों देशों में अपने क़ब्ज़े वाले क्षेत्रों में अपने चरमपंथी शासन की घोषणा कर रखी है।
2 सितंबर 2014 - 16:35
समाचार कोड: 635221
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद, इराक़ में आतंकवादी गुट दाइश के अपराधों की जांच के लिए एक आपात मिशन भेजने पर सर्वसम्मति से सहमत हो गयी है। इससे पहले बग़दाद सरकार ने इस संस्था को आतंकवादी संगठन का मुक़ाबला करने की ओर से सचेत किया था।