अबनाः अबनाः मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा है कि आतंकवादी संगठन दाइश उत्तरी इराक़ में जातीय सफ़ाया कर रहा है।
उक्ता संस्था ने मंगलवार को अपनी एक रिपोर्ट में घोषणा की है कि दाइश की पाश्विक कार्यवाहियों से बच कर भाग निकलने वालों ने इराक़ी जनता के साथ इस आतंकवादी गुट के दिल दहला देने वाले व्यवहार का उल्लेख किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से पता चलता है कि दाइश पूरी तरह से लक्ष्यपूर्ण ढंग से युद्ध अपराध कर रहा है, सार्वजनिक रूप से लोगों को मौत के घाट उतार रहा है और लोगों का अपरहण कर रहा है। दाइश का शिकार बनने वालों में स्पष्ट रूप से तुर्कमन शिया, ऐज़दी समुदाय और ईसाई जैसे धार्मिक अल्पसंख्यक हैं।
मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनैश्नल ने ऐतिहासिक मानदंडों के साथ जातीय सफ़ाया शीर्षक के अंतर्गत अपनी रिपोर्ट कहा है कि उसके पास सेंजार में दाइश द्वारा अगस्त के महीने में सामूहिक रूप से लोगों को मौत के घाट उतारे जाने के बारे में ठोस प्रमाण मौजूद हैं। सेंजार में अधिकतर ऐज़दी समुदाय के लोग रहते हैं जो कुर्द भाषी हैं।
2 सितंबर 2014 - 16:26
समाचार कोड: 635219
मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा है कि आतंकवादी संगठन दाइश उत्तरी इराक़ में जातीय सफ़ाया कर रहा है।