अबनाः ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा है कि इस्लमी जगत के मुसलमान और धर्म गुरू कभी भी इस बात की अनुमति नहीं देंगे कि मुसलमानों का पहला क़िब्ला अर्थात मस्जिदे अक़सा नगर अतिग्रहणकारी ज़ायोनी शासन के क़ब्ज़े में रहे है।
राष्ट्रपति रूहानी ने मस्जिद दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि ईरान मस्जिदुल अक़सा को ज़ायोनियों के चंगुल से निकालने के लिए अतीत की भांति प्रयास जारी रखेगा और फ़िलिस्तीन की अत्याचार ग्रस्त जनता का भरपूर समर्थन करता रहेगा। राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि जल्दी ही मुसलमानों को विजय प्राप्त होगी।
राष्ट्रपति रूहानी ने मुसलमान बुद्धिजीवियों और धर्मगुरूओं की क्षमताओं की ओर संकेत करते हुए कहा कि धर्मगुरूओं पर अतीत की तुलना में अधिक ज़िम्मेदारी हो गयी है और यदि धर्मगुरू और धार्मिक नेतृत्व न होता तो आज इराक़ में जो अपेक्षाकृत शांति हम देख रहे हैं वह न होती और यदि धर्म गुरू न होते और इमाम ख़ुमैनी और इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता न होते और शीया और सुन्नी धर्म गुरूओं की अपीलें न होती तो ग़ज़्ज़ा की जनता कभी भी अतिग्रहणकारियों के समक्ष डट नहीं सकती थी।
राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने शिक्षा और प्रशिक्षण में मस्जिद की भूमिका की ओर संकेत करते हुए कहा कि मस्जिद, चिंतन मनन और प्रशिक्षण का केन्द्र है क्योंकि ज्ञान लोगों को ग़लत और सही मार्ग की पहचान कराता हा।
डाक्टर हसन रूहानी ने क्षेत्र की विषम परिस्थितियों और वर्तमान समय में इस्लाम की छवि को ख़राब किए जाने की कार्यवाहियों की ओर संकेत करते हुए कहा कि इस संबंध में हमारे ऊपर बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी है क्योंकि आज कुछ पाश्विक, अज्ञानी व अनपढ़ लोगों की ओर से इस्लाम के नाम पर निर्दोषों की हत्याएं की जा रही हैं, महिलाओं और बच्चों का जनसंहार किया जा रहा और मस्जिदों और पवित्र स्थलों को ध्वस्त किया जा रहा है।
राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि कुछ संगठन आज इस्लाम के नाम पर बहुत ही घिनौने अपराध कर रहे हैं जबकि इस्लाम का उनसे दूर दूर तक कुछ लेना देना नहीं है। यह संगठन इस्लाम और जेहाद के नाम पर निर्दोषों की हत्या कर रहे हैं, बच्चों और महिलाओं को मार रहे हैं और मस्जिदों को ध्वस्त कर रहे हैं, यह अज्ञानी लोग साम्राज्यवादियों के हाथों के मोहरे हैं, यह लोग इस्लामोफ़ोबिया की योजना पर काम कर रहे हैं और मस्जिदों और चर्चों को एक साथ ध्वस्त कर रहे हैं, यहां पर धर्म गुरूओं के कंधों पर बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी आ जाती है।
1 सितंबर 2014 - 18:59
समाचार कोड: 635021
ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा है कि इस्लमी जगत के मुसलमान और धर्म गुरू कभी भी इस बात की अनुमति नहीं देंगे कि मुसलमानों का पहला क़िब्ला अर्थात मस्जिदे अक़सा नगर अतिग्रहणकारी ज़ायोनी शासन के क़ब्ज़े में रहे है।