अबनाः पाकिस्तान की सरकार और इमरान ख़ान के नेतृत्व वाली तहरीके इंसाफ़ पार्टी के बीच वार्ता का तीसरा चरण भी परिणामहीन रहा।
शनिवार को होने वाली वार्ता में सरकार की ओर से पंजाब के गवर्नर मुहम्मद सरवर और केन्द्रीय योजना मंत्री हुसैन इक़बाल ने भाग लिया जबकि तहरीके इंसाफ़ पार्टी की ओर से शाह महमूद क़ुरैशी, जावेद हाशेमी, डा. आरिफ़ अलवी और अन्य कई नेताओं ने भाग लिया था। तहरीके इंसाफ़ पार्टी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ से एक महीने तक पद से हटे रहने की नई मांग के साथ चुनावी धांधली की जांच की पुरानी मांग पर अडिग है।
पाकिस्तान की सरकार की ओर से यह कहा गया है कि नवाज़ शरीफ़ प्रधानमंत्री पद नहीं छोड़ेंगे। सरकार का कहना है कि यदि जांच के बाद यह सिद्ध हो जाए कि चुनाव में धांधली हुई है तो प्रधानमंत्री सहित पूरी सरकार अपदस्थ कर दी जाएगी।
पाकिस्तान अवामी तहरीक पीएटी और सरकार भी अभी किसी संयुक्त बिंदु पर नहीं पहुंच सके हैं किंतु दोनो पक्षों ने वार्ता के महत्व के दृष्टिगत आगे भी वार्ता के जारी रहने पर बल दिया है।
पाकिस्तान के वर्तमान राजनैतिक संकट के समाधान के प्रयास में शनिवार को एक महत्वपूर्ण प्रगति उस समय दिखाई दी जब वर्तमान प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी के बीच एक महत्वपूर्ण भेंट हुई जिसमें वर्तमान राजनैतिक संकट पर विचार-विमर्श किया गया।
24 अगस्त 2014 - 19:23
समाचार कोड: 633224
पाकिस्तान की सरकार और इमरान ख़ान के नेतृत्व वाली तहरीके इंसाफ़ पार्टी के बीच वार्ता का तीसरा चरण भी परिणामहीन रहा।