अबनाः संयुक्त अरब इमारात की पुलिस ने कहा है कि इराक़ के वरिष्ठ मुफ़्ती शैख़ अहमद अलकबीसी के विरुद्ध मुक़द्दमा चलाने की याचिका को स्वीकार कर लिया है।
प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार ऊनपर सऊदी अरब में वहाबी आंदोलन के संस्थापक मुहम्मद बिन अब्दुल वह्हाब का अपमान करने का आरोप था।
सऊदी अरब के वकील उस्मान उतैबी ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि दुबई की पुलिस ने बताया है कि दुबई के एटार्नी जनरल ने इराक़ के मुफ़्ती शैख़ अहमद अल कबीसी के विरुद्ध वहाबी आंदोलन के संस्थापक मुहम्मद बिन अब्दुल वह्हाब का अपमान करने के कारण मुक़द्दमा चलाने की याचिका को स्वीकार कर लिया है।
अतीबी ने बल दिया कि टेलीवीजन कार्यक्रम के दौरान अहमद अलकबीसी ने जो कुछ कहा वह बहुत ही अपमान जनक और ख़तरनाक है और निष्ठावान लोगों को उसके विरुद्ध उठ खड़े होना चाहिए।
ज्ञात रहे कि इराक़ के वरिष्ठ मुफ़्ती शैख़ अहमद कबीसी के बयान के बाद सोशल मीडिया पर काफ़ी हंगामा हुआ। उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कि मूसिल में आईएस के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आईएसआईएल द्वारा पवित्र स्थलों और धार्मिक इमारतों को ध्वस्त किए जाने के बारे में कहा थाः मेरी बात सुने यह कुत्ता और कुत्ते का बच्चा, अबू बक्र अलबग़दादी, इमाम हुसैन का हत्यारा भी उससे बेहतर है, यह यहूदियों का एजेन्ट है, बस यही, ईश्वर की सौगन्ध आईएस और उसके समर्थक यहां तक कि मुहम्मद बिन अब्दुल वह्हाब सौ प्रतिशत यहूदियों की देन हैं, यदि वे चाहते हैं तो मुझे मार डालें।
इराक़ी मुफ़्ती शैख़ कबीसी ने कहा कि मैं ईश्वर के निकट अपने शब्दों और अपनी कही बातों का ज़िम्मेदार हूं, ईश्वर की सौगंध यहूदी आंदोलन मुसलमानों के मध्य फूट डालने के लिए अस्तित्व में आया है।
उल्लेखनीय है कि लगभग दो वर्ष पूर्व एक टीवी कार्यक्रम के दौरान मुआविया बिन अबू सुफ़ियान की आलोचना करने के कारण शैख़ कबीसी को भीषण आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था और टीवी चैनल को बीच में ही अपना कार्यक्रम रोकना पड़ा था।
22 अगस्त 2014 - 19:25
समाचार कोड: 632767
संयुक्त अरब इमारात की पुलिस ने कहा है कि इराक़ के वरिष्ठ मुफ़्ती शैख़ अहमद अलकबीसी के विरुद्ध मुक़द्दमा चलाने की याचिका को स्वीकार कर लिया है।