14 अगस्त 2014 - 13:30
इस्राईली जहाज़ों का अमरीका में बाईकॉट।

अमरीका में अनेक कार्यकर्ताओं ने तेल अवीस की नस्लभेदी नीतियों पर विरोध जताते हुए लॉस एंजलेस और लॉन्ग बीच बंदरगाहों पर इस्राइल के जहाज़ों से आयी हुयी वस्तुओं के बाईकॉट की अपील की है।

अबनाः अमरीका में अनेक कार्यकर्ताओं ने तेल अवीस की नस्लभेदी नीतियों पर विरोध जताते हुए लॉस एंजलेस और लॉन्ग बीच बंदरगाहों पर इस्राइल के जहाज़ों से आयी हुयी वस्तुओं के बाईकॉट की अपील की है। लॉस एंजलेस से प्रेस टीवी के संवाददाता रॉस फ़्रेज़ियर के अनुसार अमरीकी ट्रक ड्राइवर लॉस एंजलेस और लॉन्ग बीच बंदरगाहों पर इस्राइल की व्यापारिक गतिविधियों को बाधित करने की योजन बना रहे हैं।
इस्राईल की जहाज़ कंपनी ज़िम लॉस एंजलेस और लॉन्ग बीच बंदरगाह पर अपने जहाज़ों को रोककर उससे सामान उतारती है। अमरीका के पश्चिमी तट के बंदरगाहों को निशाना बनाने वाली श्रंख्लाबद्ध कार्यवाहियों में यह इस्राईल विरोधी पहली कार्यवाही है।
ओकलैंड, कैलिफ़ोर्निया, और वाशिंग्टन राज्य के सीटल और टकोमा में भी इसी प्रकार के प्रदर्शन का कार्यक्रम है।
अमरीका के लास एंजलेस में बाईकॉट, विनिवेश और प्रतिबंध अभियान से जुड़े कार्यकर्ता गैरिक रुइज़ ने प्रेस टीवी को बताया, “ हम इस्राईल के व्यापार को बाधित करने की हर संभव कोशिश उस समय तक जारी रखेंगे जब तक अतिग्रहण ख़त्म नहीं हो जाता, जब इस्राईल की नस्लभेदी नीतियां ख़त्म नहीं होतीं।” उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि ट्रक ड्राइवरों को इस्राईल की वस्तुओं को बंदरगाह से न लादने के लिए प्रेरित करने का प्रयास जारी है, कहा कि इस्राईल को ग़ज़्ज़ा की जनता पर बमबारी करते हुए लाभ कमाने नहीं देंगे। रुइज़ ने कहा कि हम यहां कर्मचारियों से बात कर रहे हैं, संपर्क बना रहे हैं और उन्हें यह समझा रहे हैं कि हम यहां बार बार इसलिए आ रहे हैं ताकि इस्राइली जहाज़ को निशाना बनाएं।
लास एंजलेस के प्रदर्शनकारियों ने नारा लगाया “ज़ायोनीवाद का हम अपने तट पर स्वागत नहीं करते।”
ग़ौरतलब है इससे पहले विगत में बंदरगाहों पर की गयी इस प्रकार की कार्यवाही ने दक्षिण अफ़्रीक़ा से नस्लभेदी नीतियों के अंत कर दिया था। प्रदर्शनकारियों के अनुसार पश्चिमी तट के बंदरगाह के पास इस्राईल को इस प्रकार संदेश पहुंचाने की क्षमता है।
प्रदर्शन के आयोजनकर्ताओं का कहना है कि वे ज़िम कंपनी के मालिकों को यह समझाना चाहते हैं कि पश्चिमी तट के बंदरगाह आधिकारिक रूप से बंद हैं। चार साल पहले प्रदर्शकारी ज़िम कंपनी के दो जहाज़ों को ओकलैंड में सामान उतारने से रोकने में सफल हुए थे। कार्यकर्ताओं का कहना है कि इस बार वह लांग बीच से सीटल तक और जहाज़ों को रोकने की योजना बना रहे हैं।