4 अगस्त 2014 - 19:24
सऊदी मुफ्ती का एक नया फ़तवा, इस्राईल पर लानत भेजना हराम है।

सऊदी अरब के मशहूर मुफ्ती ने कहा है कि इस्राईल पर लानत भेजना हराम है जिसके बाद सऊदी अरब में ट्विटर पर एक लंबी बहस छिड़ गई। ट्विटर सऊदी अरब में बहुत लोकप्रिय है।

अबनाः सऊदी अरब के मशहूर मुफ्ती ने कहा है कि इस्राईल पर लानत भेजना हराम है जिसके बाद सऊदी अरब में ट्विटर पर एक लंबी बहस छिड़ गई। ट्विटर सऊदी अरब में बहुत लोकप्रिय है।
सऊदी अरब में उलमा समिति के सदस्य और मशहूर मुफ़्ती अलफ़ौज़ान ने कहा है कि इस्राईल पर लानत भेजना जायज़ नहीं हैं क्योंकि यह अल्लाह के नबी, हज़रत याकूब अलैहिस्सलाम का नाम है।
समाचारों के अनुसार उन्होंने अपने एक भाषण में कहा है कि कुछ लोग कहते हैं कि या अल्लाह इस्राईल पर लानत कर और इसका मतलब यह होगा कि आप हज़रत याकूब पर लानत भेज रहे हैं (उनके कथनानुसार) इस लिए मुसलमानों को इस ओर ध्यान देना चाहिए और इसके बजाए यहूदियों पर लानत भेजनी चाहिए।
ऐसे समय में कि जब गज़्ज़ा पर इस्राईल के हमले जारी हैं और हज़ारों फिलिस्तीनी शहीद हो गये हैं ट्विटर पर उनके इस बयान के बाद तूफान उठ गया और सऊदी अरब में इसे पर अत्याधिक चर्चा शुरू हो गयी।
इस फतवे के विरोधियों का कहना है कि इस्राईल पर लानत भेजने वाले की नीयत देखी जाएगी न कि उसका मतलब और लानत भेजने वाले के मन में यही इस्राईल होता है जिसके नेता फिलिस्तीनियों पर अत्याचार कर रहे हैं।
इस से पहले सऊदी अरब के मशहूर मुफ्ती ने गज़्ज़ा के लिए प्रदर्शन को उपद्रव और हंगामा बताया था जबकि सऊदी अरब के एक अन्य अधिकारी ने कहा था कि गज़्ज़ा के समर्थन में निकाले जाने वाले जूलूसों से लोगों को इबादत में परेशानी होती है। इस खबर को अरबी के इस वाक्य को टाइप करके नेट पर देखा जा सकता है (“الفوزان لاتلعنوا إسرائيل”)