अबनाः फ़िलिस्तीन की निर्दोष जनता के विरुद्ध ज़ायोनी शासन के अपराध ऐसी स्थिति में जारी हैं जब अमरीका से लेकर अफ़्रीक़ा, और सुदूर पूर्व से पश्चिमी यूरोप तक हर रोज़ जनता प्रदर्शन कर इस्राईल के अपराध के ख़िलाफ़ अपनी घृणा व्यक्त कर रही है।
रविवार को रोम में इतालवी संसद के सामने इस्राईल के विरुद्ध फ़िलिस्तीनियों के सैकड़ों समर्थकों ने प्रदर्शन किया। हज़ारों की संख्या में अमरीकियों ने एक बार फिर वाशिंग्टन में वाइट हाउस के सामने प्रदर्शन कर ज़ायोनी शासन के प्रति अमरीका के समर्थन की आलोचना की।
रविवार को पाकिस्तान के पंजाब राज्य के केन्द्र लाहौर में भी सैकड़ों पाकिस्तानी नागरिकों ने प्रदर्शन में भाग लेकर फ़िलिस्तीनियों के साथ एकता दर्शायी। जार्डन की राजधानी अम्मान में इस देश के वामपंथी व दक्षिण पंथी दलों के गठबंधन के सदस्यों ने अमरीकी दूतावास के बाहर प्रदर्शन कर ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल के बर्बरतापूर्ण हमलों की भर्त्सना की।
दूसरी ओर फ़्रासं प्रेस के अनुसार रविवार को नेदरलैंड के नागरिकों ने एम्सटर्डम में एक प्रदर्शन में भाग लिया और ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल के हमलों के ख़त्म होने की मांग की। शनिवार को लंदन और बर्लिन में युद्ध विरोधी गुटों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर ज़ायोनी शासन के अधिकारियों और उनके समर्थकों से निर्दोष फ़िलिस्तीनी महिलाओं व बच्चों के नरसंहार को रुकवाने की मांग की।
बर्लिन में लगभग दो हफ़्तों से इस्राईल के विरुद्ध प्रदर्शन हो रहे हैं। स्पेन के मलया शहर में हज़ारों की संख्या में स्पेनवासी सड़कों पर आए और ग़ज़्ज़ा में इस्राइली सेना के हाथों फ़िलिस्तीनियों के जनसंहार की भर्त्सना की।
जबकि पेरिस में इस्राईल के विरुद्ध होने वाले प्रदर्शन पर पुलिस ने बल प्रयोग किया और पचास से ज़्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ़्तार कर लिया।
इसके साथ ही फ़्रांसीसी राष्ट्रपति फ़्रांसवा ओलांद ने जनता की ओर से बढ़ते दबाव के कारण रविवार को ग़ज़्ज़ा में संघर्ष विराम की मांग की। उन्होंने रविवार को अपने जर्मन समकक्ष युआख़िम गाउक के साथ भेंट में अपने पहले वाले दृष्टिकोण से पीछे हटते हुए कहा कि जर्मनी और फ़्रांस को ग़ज़्ज़ा में संघर्ष विराम के लिए कोशिश करनी चाहिए।
इससे पहले उरुगवे और कोस्टरिका ने ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल के हमलों के विरोध में इस्राईल के साथ संबंध का स्तर कम करने का फ़ैसला किया। जबकि इससे पहले ब्राज़ील, इक्वेडोर, चिली, एलसाल्वाडोर और पेरू इस्राईल की बर्बरता के विरोध में तेल अबिब से अपने अपने राजदूत को वापस बुला चुके हैं।
भारत की राजधानी नई दिल्ली में अमरीकी विदेश मंत्री की उपस्थिति में शुक्रवार और शनिवार को अमरीका व ज़ायोनी शासन के विरुद्ध प्रदर्शन हुए।
अतिग्रहित फ़िलिस्तीन के उत्तरी भाग में हज़ारों की संख्या में फ़िलिस्तीनियों ने भाग लेकर ग़ज़्ज़ावासियों के प्रति एकता दर्शायी। इन लोगों के हाथों में हमास का ध्वज था।
उधर मिस्र की राजधानी क़ाहेरा पहुंचे चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने पत्रकारों के बीच बल दिया कि ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल का अतिक्रमण और ग़ज़्ज़ा की नाकाबंदी ख़त्म होनी चाहिए।
3 अगस्त 2014 - 18:16
समाचार कोड: 628719
फ़िलिस्तीन की निर्दोष जनता के विरुद्ध ज़ायोनी शासन के अपराध ऐसी स्थिति में जारी हैं जब अमरीका से लेकर अफ़्रीक़ा, और सुदूर पूर्व से पश्चिमी यूरोप तक हर रोज़ जनता प्रदर्शन कर इस्राईल के अपराध के ख़िलाफ़ अपनी घृणा व्यक्त कर रही है।