25 जुलाई 2014 - 18:36
ग़ज़्ज़ा में इस्राईली हमले जारी, 830 फ़िलिस्तीनियों की मौत।

नाकाबंदी से घिरे ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल की बर्बरता में शहीद होने वाले फ़िलिस्तीनियों की संख्या 830 हो गयी है।

नाकाबंदी से घिरे ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल की बर्बरता में शहीद होने वाले फ़िलिस्तीनियों की संख्या 830 हो गयी है। शुक्रवार को ग़ज़्ज़ा के अनेक आवासीय इलाक़ों और नागरिक प्रतिष्ठानों पर इस्राईली युद्धक विमानों व टैंकों के हमलों में कई फ़िलिस्तीनी शहीद हुए।
फ़िलिस्तीनी अधिकारियों के अनुसार रफ़ह, ख़ान यूनुस और दैरुल बलह में इस्राइली सेना के हमलों में महिलाओं और बच्चों सहित लगभग एक दर्जन फ़िलिस्तीनी शहीद हुए। रिपोर्ट के समय दैरुल बलह में स्थित नुसैरात शरणार्थी कैंप पर इस्राइल सेना की टैंकों से बमबारी जारी थी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इस्रइली सैनिक सात साल से इस्राईल की नाकाबंदी से घिरे ग़ज़्ज़ा में अस्पतालों, और संयुक्त राष्ट्र संघ के स्कूलों सहित हर जगह बमबारी कर रहे हैं कि इन स्थानों पर फ़िलिस्तीनियों ने पनाह ले रखी है।
मीडिय में आयी रिपोर्ट के अनुसार केवल गुरुवार को इस्राइली सेना की बर्बरता में सौ से ज़्यादा फ़िलिस्तीनी शहीद हुए।
फ़िलिस्तीन के स्वास्थय मंत्रायल के अनुसार आठ जुलाई से ग़ज़्ज़ा पर जारी इस्राइली सेना के पाश्विक हमलों अब तक 830 फ़िलिस्तीनी शहीद और 5200 से ज़्यादा घायल हुए हैं।
संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुसार शहीद होने वालों में ज़्यादातर नागरिक हैं जिनमें शहीद होने वाले बच्चों की संख्या 190 है।
इस बीच ग़ज़्ज़ा में चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में मानवीय त्रासदी मुंह बाए खड़ी है।
विश्व स्वास्थय संगठन ने परिवेष्टन से घिरे ग़ज़्ज़ा में एक मानवीय कोरिडोर की स्थापना की मांग की है ताकि घायलों को वहां से निकाला जा सके।