ईरान की तशख़ीसे मसलेहते नेज़ाम काउंसिल (हित संरक्षक परिषद) के प्रमुख ने कहा है कि मौजूदा समय में फ़िलिस्तीन की जनता सर्वाधिक मज़लूम है।
आयतुल्लाह अली अकबर हाशमी रफ़संजानी ने बुधवार को अमरीकी राष्ट्रपति की ओर से इस्राईल के समर्थन पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि यह कार्यवाहियां, अमरीका के इतिहास में कलंक का टीका है। उन्होंने कहा कि विडंबना यह है कि मानवाधिकारों के तथाकथित समर्थक और विश्व शक्तियां, ग़ज़्ज़ा पर किये जा रहे अत्याचारों को ज़ायोनी शासन की सुरक्षा का अधिकार बता रहे हैं।
ईरान की तशख़ीसे मसलेहते नेज़ाम काउंसिल के प्रमुख ने उन देशों की जनता का आभार व्यक्त किया जिन्होंने ग़ज़्ज़ा में ज़ायोनियों के अपराधों के विरोध में रैलिया निकालीं। उन्होंने कहा कि इस्राईल से नफ़रत ज़ाहिर करने और फ़िलिस्तीन की मज़लूम जनता के प्रति सहानुभूति प्रकट करने के लिए विश्व क़ुद्स दिवस उचित अवसर है।
24 जुलाई 2014 - 11:56
समाचार कोड: 626385
ईरान की तशख़ीसे मसलेहते नेज़ाम काउंसिल (हित संरक्षक परिषद) के प्रमुख ने कहा है कि मौजूदा समय में फ़िलिस्तीन की जनता सर्वाधिक मज़लूम है।