23 जुलाई 2014 - 19:23
मिस्र, रफ़ह का रास्ता खोले।

इस्लामी जागरुकता की अन्तर्राष्ट्रीय काउंसिल के सिक्रेट्री जनरल अली अकबर विलायती नें ग़ज़्ज़ा पट्टी के मज़लूम फ़िलिस्तीनयों तक मानवीय दोस्ती पर आधारित मदद पहुँचाए जाने के उद्देश्य से मिस्र की सरकार की तरफ़ से रास्ता (रफ़ह पास) खोले जाने की मांग की है।

इस्लामी जागरुकता की अन्तर्राष्ट्रीय काउंसिल के सिक्रेट्री जनरल अली अकबर विलायती नें ग़ज़्ज़ा पट्टी के मज़लूम फ़िलिस्तीनयों तक मानवीय दोस्ती पर आधारित मदद पहुँचाए जाने के उद्देश्य से मिस्र की सरकार की तरफ़ से रास्ता (रफ़ह पास) खोले जाने की मांग की है। इरना की रिपोर्ट के अनुसार अली अकबर विलायती नें आज एक न्यूज़ काँफ़्रेंस में ग़ज़्ज़ा में ज़ायोनी सरकार की तरफ़ पिछले दिनों से किये जा रहे अत्याचारों की आलोचना करते हुए कहा कि आम नागरिक, महिलाएं, बच्चे और बूढ़े ज़ायोनी सरकार के हमलों के बीच जी रहे हैं जिसके लिये उनकी मदद की जानी चाहिये। अली अकबर विलायती नें फ़िलिस्तीनी अस्पतालों पर ज़ायोनी सरकारी के ताज़ा हमलों की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि अन्तर्राष्ट्रीय क़ानूनों के अनुसार अस्पतालों पर हमले युद्ध अपराध की श्रेणी में आते हैं और इस्राईली अधिकारियों को अन्तर्राष्ट्रीय अदालत में इन कार्यवाहियों के लिये जवाबदेह होना होगा। इस्लामी जागरुकता की अन्तर्राष्ट्रीय काउंसिल के सिक्रेट्री जनरल अली अकबर विलायती नें फ़िलिस्तीनी जनता के समर्थन के सिलसिले में ईरान के प्रभावी रोल की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि ईरान फ़िलिस्तीन के मज़लूमों की मदद करने वालों की श्रेणी में सबसे ऊपर है और ईरान की सरकार एवं जनता लगातार फ़िलिस्तीनियों के समर्थन का सिलसिला जारी रखे हुए हैं।