अन्तर्राष्ट्रीय मामलों के विश्लेषक प्रोफ़ेसर शमीम अख़्तर नें कहा है कि सऊदी अरब अमरीका की तरह अरब और इस्लामी देशों में हस्तक्षेप कर रहा है जिसका ख़ामियाज़ा उसे भुगतना पड़ेगा। पाकिस्तान के जाने माने विश्लेषक प्रोफ़ेसर शमीम अख़्तर नें रेडियो तेहरान से बातचीत करते हुए कहा कि सऊदी अरब के हस्तक्षेप की वजह से पाकिस्तान में साम्प्रादायिकता शुरू हो गई थी जिसमें हज़ारों लोगों की मौत हो गई और इराक़ एवं सीरिया में भी सऊदी अरब ही की वजह से लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। प्रोफ़ेसर शमीम अख़्तर नें कहा कि आतंकवाद का जो बीच सऊदी अरब नें बोया था, अब ख़ुद ही उसी का शिकार हो रहा है। शनिवार के दिन होने वाला आतंकी हमला इसी की ताज़ा मिसाल है। उन्होंने कहा कि 1979 में सलफ़ी आतंकवादियों नें ख़ान-ए-काबा पर क़ब्ज़ा किया था लेकिन अपनी शाही सरकार को बचाने के लिये आले सऊद नें दूसरे देशों में अपने सलफ़ी आतंकवादियों के समर्थन किया और उनकी आर्थिक और फ़ौजी मदद की जिससे वह आज अलक़ायदा, तालेबान और दाइश की शक्ल में दुनिया में ख़ून ख़राबा कर रहे हैं।
20 जुलाई 2014 - 15:35
समाचार कोड: 625427
अन्तर्राष्ट्रीय मामलों के विश्लेषक प्रोफ़ेसर शमीम अख़्तर नें कहा है कि सऊदी अरब अमरीका की तरह अरब और इस्लामी देशों में हस्तक्षेप कर रहा है जिसका ख़ामियाज़ा उसे भुगतना पड़ेगा।