18 जुलाई 2014 - 17:32
अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों की अनदेखी कर रहा है इस्राईल।

तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम ने ग़ज़्ज़ा पर ज़ायोनी सेना के हमलों और फ़िलिस्तीनियों के जनसंहार की कड़े शब्दों में निंदा की है।

तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा के इमाम ने ग़ज़्ज़ा पर ज़ायोनी सेना के हमलों और फ़िलिस्तीनियों के जनसंहार की कड़े शब्दों में निंदा की है।
आज तेहरान की केन्द्रीय नमाज़े जुमा आयतुल्लाह काज़िम सिद्दीक़ी की इमामत में अदा की गयी। उन्होंने नमाज़े जुमा के अपने भाषण में कहा कि ज़ायोनी शासन, अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों की अनदेखी व उल्लंघन करते हुए विश्व शक्तियों के भरपूर समर्थन से राष्ट्रों पर हर प्रकार के हमले और अतिक्रमण की अनुमति स्वयं को दिए हुए है।
उन्होंने इस बात पर बल देते हुए कि ज़ायोनी शासन अतिक्रमण, अत्याचार और लूटपाट से अस्तित्व में आया है, कहा कि विश्वशक्तियों ने अपने वर्चस्ववादी और लूटमार के लक्ष्यों के अंतर्गत इस शासन को मध्यपूर्व में अस्तित्व प्रदान किया और उन्होंने इस शासन को आधुनिक व परमाणु शस्त्रों से लैस करके क्षेत्र की शांति और सुरक्षा को ख़तरे में डाल दिया है।
आयतुल्लाह काज़िम सिद्दीक़ी ने पिछले छह दशक से अधिक समय से क्षेत्र में ज़ायोनी शासन के जनसंहार और उसकेर द्वारा युद्ध की आग भड़काने की ओर संकेत करते हुए कहा कि इस शासन ने तीन इस्राईली युवाओं की हत्या के बहाने ग़ज़्ज़ा की निहत्थी व निर्दोष जनता पर हमला कर दिया और बच्चों, महिलाओं और नवजात शिशुओं को भी नहीं छोड़ रहा है।
उन्होंने इस बात पर बल देते हुए कि ज़ायोनी शासन के अपराधों ने मानवता की अंतर्रातमा को झिंझोड़ दिया है, मानवाधिकार का दम भरने वाले देशों विशेषकर इस्लामी देशों से मांग की है कि वे अपना मौन तोड़े और फ़िलिस्तीनियों पर और अधिक अत्याचार को रुकवाने के लिए व्यवहारिक क़दम उठाएं।
उन्होंने कहा कि इस्राईल की समस्या केवल फ़िलिस्तीनियों से विशेष नहीं है बल्कि यह पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लेगी।