ईरान ने ग़ज़्ज़ा पट्टी पर ज़ायोनी शासन के ज़मीनी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है।
विदेशमंत्रालय की प्रवक्ता मरज़ीया अफ़ख़म ने ग़ज़्ज़ा पट्टी पर इस्राईल के ज़मीनी हमलों की निंदा करते हुए कहा कि यह फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध के सामने इस्राईल की पराजय का मुंह बोलता प्रमाण है। उन्होंने बल दिया कि ग़ज़्ज़ा की निहत्थी जनता पर इस्राईल के पाश्विक ज़मीनी हमलों से उसके अपराधों में एक अन्य अध्याय जुड़ गया है।
विदेशमंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि ग़ज़्ज़ा की जनता पर इस्राईल की सैनिक चढ़ाई ऐसी स्थिति में है कि ग़ज़्ज़ावासी पिछले कई वर्षों से इस्राईल के अत्याचारपूर्ण परिवेष्टन का सामना कर रहे हैं और मानवीय सहायताओं व चिकित्सा सुविधाओं के न होने के कारण, क्षेत्र में एक महात्रासदी मुंह बाये खड़ी है।
उनका कहना था कि फ़िलिस्तीनी जनता के समर्थन के संबंध में अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं में संकल्प के न पाये जाने के कारण, ज़ायोनी शासन अधिक दुस्साहसी हो गया है।
विदेशमंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि परिवेष्टन का शिकार जनता की रक्षा के लिए प्रतिरोधकर्ताओं की जवाबी कार्यवाही सराहनीय है। उन्होंने बल दिया कि ज़ायोनी शासन को स्वयं को अत्याचारग्रस्त दिखाने को रोकने और ग़ज़्ज़ा में महिलाओं और बच्चों के जनसंहार की रोकथाम के लिए विश्व समुदाय की व्यवहारिक कार्यवाही बहुत आवश्यक है।
विदेशमंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा कि जनमत को यह अपेक्षा है कि क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय संस्थाएं, स्वतंत्र देश और मानवाधिकार संगठन, परिवेष्टन का शिकार ग़ज़्ज़ा की जनता के समर्थन और आम नागरिकों के जनसंहार को रुकवाने में अपने समस्त संसाधनों का प्रयोग करेंगे।
18 जुलाई 2014 - 17:28
समाचार कोड: 624930
ईरान ने ग़ज़्ज़ा पट्टी पर ज़ायोनी शासन के ज़मीनी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है।