17 जुलाई 2014 - 18:41
इफ़्तारी देने का सवाब।

जो किसी रोज़ेदार को इफ़्तार कराए उसे इस रोज़ेदार की तरह सवाब मिलेगा।

قال الصادق (عليه السلام)
من فطر صائما فله مثل اجره
इमाम सादिक़ अलैहिस्सलाम फ़रमाते हैं:
जो किसी रोज़ेदार को इफ़्तार कराए उसे इस रोज़ेदार की तरह सवाब मिलेगा।
काफ़ी 4 पे 68, हदीस 1