قيل لابى عبد الله (عليه السلام)
كيف تكون ليلة القدر خيرا من الف شهر؟ قال: العمل الصالح فيها خير من العمل فى الف شهر ليس فيها ليلة القدر
इमाम सादिक़ अलैहिस्सलाम से सवाल किया गया:
कैसे शबे क़द्र हजार रातों से बेहतर है? आपने फ़रमाया कि उस रात एक नेक काम का इनाम दूसरे महीनों (जिनमें शबे क़द्र न हो) में हजार नेक कामों से बेहतर है.
वसाएलुश् शिया, जिल्द 7 पेज 256, हदीस 2