15 जुलाई 2014 - 00:39
भारत सहित विभिन्न देशों में इस्राईली अत्याचार के विरोध में प्रदर्शन।

भारत, पाकिस्तान, बंग्लादेश और लेबनान में ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल के बर्बरतापूर्ण हमले के विरुद्ध प्रदर्शन हुए।

भारत, पाकिस्तान, बंग्लादेश और लेबनान में ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल के बर्बरतापूर्ण हमले के विरुद्ध प्रदर्शन हुए।
भारतीय जनता ने परिवेष्टन से घिरे ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल के पाश्विक हमलों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर इस्राइली दूत को देश से बाहर निकालने की मांग की।
भारत के हैदराबाद शहर में सोमवार को फ़िलिस्तीन की बेगुनाह जनता पर इस्राईल के पाश्विक हमलों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए। इस प्रदर्शन में भाग लेने वालों ने जिनमें छात्र भी शामिल थे, ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल के हमले तुरंत रुकवाने की मांग की।
इस बीच भारत प्रशासित कश्मीर के केन्द्र श्रीनगर सहित बारामोला, सोपोर, बड़गाम सहित कई क़स्बों में ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल के बर्बरतापूर्ण हमलों के ख़िलाफ़ सोमवार को प्रदर्शन हुए जिनमें हज़ारों की संख्या में छात्रों ने भाग लिया।
दूसरी ओर भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान के कई नगरों में इस्राईल द्वारा ग़ज़्ज़ा में फ़िलिस्तीनियों विशेष रूप से बच्चों और महिलाओं के जनसंहार के ख़िलाफ़ प्रदर्शन हुए।
पाकिस्तान में ये प्रदर्शन लाहौर, इस्लामाबाद, कराची और मुलतान शहरों में हुए।
इन प्रदर्शनों में भाग लेने वालों ने अमरीका मुर्दाबाद और इस्राईल मुर्दाबाद के नारे लगाए और अमरीकी व इस्राइली झंडों को आग लगायी।
उधर भारत के एक और पड़ोसी देश बंग्लादेश की सरकार ने ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल के हमलों की भर्त्सना की।
शेन हुआ के अनुसार सोमवार को बंग्लादेश सरकार के मंत्रीमंडल की इस देश की प्रधान मंत्री शैख़ हसीना वाजिद की अध्यक्षता में एक बैठक हुयी जिसमें ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल के बर्बरतापूर्ण हमलों के बारे में चर्चा के बाद, निर्दोष फ़िलिस्तीनियों के इस्राईल द्वारा जनंसहार को तुरंत रुकवाने की मांग की गयी।
बंग्लादेश की सरकार ने इसी प्रकार अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से इस्राईल पर दबाव डालने की मांग की ताकि इस अतिग्रहणकारी शासन के ग़ज़्ज़ा की निर्दोष जनता पर हवाई हमले रुकें।
दूसरी ओर ग़ज़्ज़ा पर इस्राईल के हमलों के ख़िलाफ़ सोमवार को लेबनान की राजधानी बैरूत में संयुक्त राष्ट्र संघ के कार्यालय के बाहर लेबनानी जनता ने धरना दिया। इस धरने में विभिन्न दलों के नेता शामिल थे।