ईरान की इस्लामी क्रान्ति हित संरक्षक परिषद के अध्यक्ष साम्राज्य, मनमानी और चरमपंथ के त्रिकोण को इस्लाम समाजों के लिए ख़तरा बताया।
इरना के अनुसार आयतुल्लाह अकबर हाशेमी रफ़सन्जानी ने धर्मगुरुओं, छात्रों और शिक्षकों के एक समूह से मुलाक़ात में, इस्लामी जगत की मौजूदा हालात की व्याख्या में कहा कि कुछ मूर्खों ने इस प्रकार जनता को संकट में डाल दिया कि वह सैन्य व्यवस्था की वापसी पर तय्यार हो गयी और अरब बसंत को पतझड़ में बदल दिया और इस्लामी जागरूकता को पटरी से हटा दिया।
उन्होंने उन ग़लत विचारों के प्रसार पर खेद जताया जो विभिन्न मुसलमान संप्रदायों के आपस में लड़ने का कारण बनते हैं और कहा कि ख़वारिज मत के चरमपंथी ग़लत शिक्षाओं के आधार पर अपने ग़लत विचारों के कारण ख़ुद को उड़ा लेते हैं ताकि मुसलमानों को मारें और इस कृत्य को परलोक में अपने सौभाग्य के बेहतर होने का साधन समझते हैं जबकि उनका यह कृत्य उनके विनाश का आधार है।
14 जुलाई 2014 - 14:44
समाचार कोड: 623974
ईरान की इस्लामी क्रान्ति हित संरक्षक परिषद के अध्यक्ष साम्राज्य, मनमानी और चरमपंथ के त्रिकोण को इस्लाम समाजों के लिए ख़तरा बताया।